37 C
Dehradun
Friday, June 19, 2026


spot_img

प्रदेश के चारों मेडिकल कॉलेज में होगी जीनोम सिक्वेंसिंग जांच

देहरादून: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना महामारी की दस्तक को देखते हुये राज्य सरकार भी अलर्ट हो गई है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने के साथ ही चारों मेडिकल कॉलेजों में जीनोम सिक्वेंसिंग लैब की स्थापना की जा चुकी है तथा दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग की टेस्टिंग भी शुरू कर दी गई है। कोरोना महामारी की आहट को देखते हुये राज्य में वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये है, साथ ही केन्द्र सरकार से तीन लाख प्रिकॉशन डोज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में कोरोना रोकथाम को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से कोरोना काल के अनुभवों को देखते हुये अपने-अपने राज्यों में वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने, आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने तथा कोविड पॉजिटिव केसों की अनिवार्य रूप से जीनोम सिक्वेसिंग करवाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी राज्य अपनी तैयारियों को लेकर आगामी 27 दिसम्बर को अपने-अपने राज्यों की सभी चिकित्सा इकाईयों में मॉक ड्रिल करें, ताकि कोरोना की रोकथाम के लिये पर्याप्त संसाधनों, मैन पावर तथा प्रबंधन का अनुमान लगाया जा सके। जिसकी रिपोर्ट सभी राज्यों को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने राज्य में कोरोना से बचाव को लेकर सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों ब्योरा दिया।

डॉ0 रावत ने कहा कि राज्य में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों को पहली एवं दूसरी डोज शतप्रतिशत लगाई जा चुकी है जबकि 25 फीसदी लोगों को प्रिकॉशन डोज लगाई गई है। उन्होंने भारत सरकार से तीन लाख प्रिकॉशन डोज की मांग की है ताकि सभी नागरिकों का शीघ्रता से तीसरी डोज भी लगाई जा सके। विभागीय मंत्री ने बताया कि राज्य के चारों मेडिकल कॉलेजों देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी व अल्मोड़ा में प्रतिदिन 11 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्टिंग की क्षमता है जबकि इन मेडिकल कॉलेजों में स्थापित जीनोम सिक्वेंसिंग लैब में प्रति माह 2 हजार से अधिक जीनोम सिक्वेसिंग की क्षमता है, वर्तमान में दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेसिंग लैब क्रियाशील है जबकि अन्य तीन संस्थानों में इनसाकॉग (आईएनएसएसीओजी) में पंजीकरण के लिये एनसीडीसी से अनुमति मांगी गई है, अनुमति मिलते ही यहां पर भी जीनोम सिक्वेंसिंग लैब शुरू हो जायेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 22 हजार 428 ऑक्सीजन सिलेंडर, 9 हजार 743 आक्सीजन कॅन्सेनट्रेटर तथा 86 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट क्रियाशील है, जबकि सूबे के राजकीय चिकित्सालयों में 762 आईसीयू बेड, 8 हजार 189 ऑक्सीजन सपोर्ट बेड तथा 1 हजार 32 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार 11 राजकीय जांच केन्द्रों पर प्रतिदिन लगभग 15 हजार आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

तेल शोधन संयंत्र पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम...

0
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि सभी तेल शोधन संयंत्र पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रहे...

21 जून को कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी रविवार 21 जून को कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले कल कोलकाता...

केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री ने की नीट-यूजी पुन: परीक्षा की तैयारियों से जुड़ी उच्‍च स्‍तरीय...

0
नई दिल्ली। केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने रविवार को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा की तैयारियों के आकलन के लिए उच्‍च स्‍तरीय समीक्षा...

वीवाटेक-2026 सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र...

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आज वीवाटेक-2026 सम्‍मेलन में भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बताया।...

बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली रफ्तार

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह...