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Wednesday, July 29, 2026


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होली से पहले केंद्रीय कर्मियों को तोहफा, ये होगी शर्त

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कश्मीर घाटी में अगले तीन साल तैनात रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के पैकेज में कुछ रियायतें और प्रोत्साहन बढ़ा दिए हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के मुताबिक कश्मीर घाटी के दस जिलों-अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा, श्रीनगर, कुलगाम, शोपियां, गंदेरबल और बांदीपोरा में तैनात केंद्रीय कर्मी इस योजना के तहत आएंगे और वह तीन और सालों तक इसका लाभ उठा सकेंगे। विगत सोमवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी की ओर से कश्मीर घाटी में काम करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए रियायतों/प्रोत्साहनों के पैकेज को एक अगस्त, 2024 से तीन साल की अवधि के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
प्रोत्साहन पैकेज भारत सरकार के अधीन सभी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर समान रूप से लागू है और उन्हें पैकेज में निर्धारित दरों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। आदेश के अनुसार घाटी में तैनात कर्मचारियों के पास सरकारी खर्च पर भारत में अपनी पसंद के किसी चुनी गई जगह पर अपने परिवारों को ले जाने का विकल्प है और परिवारों के लिए परिवहन भत्ता स्थायी स्थानांतरण में स्वीकार्य है, जिसमें पिछले महीने के मूल वेतन के 80 प्रतिशत की दर से समग्र स्थानांतरण अनुदान शामिल है। आदेश के अनुसार, जो कर्मचारी अपने परिवारों को निवास के किसी चुनी हुई जगह पर नहीं ले जाना चाहते हैं, उन्हें कार्यालय आने-जाने आदि में परिवहन में किसी भी अतिरिक्त व्यय की भरपाई के लिए उपस्थिति के प्रत्येक दिन के लिए 141 रुपये प्रतिदिन का भत्ता दिया जाता है। जो कर्मचारी अपने परिवारों को देश में अपनी पसंद के किसी चयनित स्थान पर ले जाने का विकल्प चुनते हैं, वे प्रतिदिन भत्ते के लिए पात्र नहीं होंगे, क्योंकि वे पिछले महीने के मूल वेतन के 80 प्रतिशत की दर से समग्र स्थानांतरण अनुदान का लाभ उठाते हैं।
विभाग की ओर से कर्मचारियों के लिए ठहरने, सुरक्षा और कार्यस्थल तक परिवहन की व्यवस्था की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को दिए जाने वाले राशन भत्ते के समान मेसिंग भत्ता दिया जाएगा। अभी ये भत्ता 142.75 रुपये प्रतिदिन है। आदेश में कहा गया है कि घाटी में पेंशनभोगी जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों या वेतन और लेखा कार्यालय या कोषागारों के माध्यम से अपनी मासिक पेंशन प्राप्त करने में असमर्थ हैं, जहां से वे अपनी पेंशन प्राप्त कर रहे थे, उन्हें संबंधित प्रविधानों में छूट देते हुए घाटी के बाहर पेंशन दी जाएगी।

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