देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के दूरस्थ जनपदों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले बागेश्वर जिले को जल्द ही एक अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह की सौगात मिलने जा रही है। राज्य सम्पत्ति विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को न केवल प्रशासनिक जरूरतों बल्कि पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से भी जोडघ्ने का निर्णय लिया है। सचिवालय में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम टेलापालन, तहसील बागेश्वर स्थित 45 नाली भूमि पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। लगभग 17.52 करोडघ् रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि भवन का स्वरूप ऐसा हो, जो पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन आकर्षक, पर्यावरण के अनुकूल तथा स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित हो। इसके साथ ही दूसरे तल पर प्रस्तावित कमरों में आवश्यक बदलाव कर योजना को और उपयोगी बनाने को कहा गया।
परियोजना की समीक्षा के दौरान यह भी तय किया गया कि अलग-अलग भवनों के निर्माण के बजाय सभी श्रेणी के अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सुविधाओं को एकीकृत भवन में विकसित किया जाए। इससे निर्माण लागत में संतुलन रहेगा, रखरखाव आसान होगा और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। सचिव ने विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने तथा संशोधित आगणन शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य अतिथि गृह बनने से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। बागेश्वर का प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय वास्तुकला और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। हमारा प्रयास है कि यह परिसर केवल अतिथि आवास तक सीमित न रहकर प्रशासनिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बने। गुणवत्ता, मितव्ययता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि बागेश्वर को एक ऐसी आधुनिक सुविधा मिल सके जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सके।
बागेश्वर में बनेगा ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह, पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का होगा संगम
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