15 C
Dehradun
Friday, February 20, 2026


spot_img

कैबिनेट की बैठक में लिए गए अहं निर्णय-महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के रोजगार को लेकर बनेगी अलग-अलग नीति

देहरादून। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में भराड़ीसैंण में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के रोजगार के साधन बढ़ाने, कौशल विकास, सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी प्रदान करने के लिए तीनों वर्गों के लिए अलग-अलग नीति बनाई जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी जैसे सरकारी सेवा, नीट, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि के क्षेत्र में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। वृहद स्तर पर युवा महोत्सव और रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूल आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अल्पकालिक, माध्यकालिक और दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य किए जाएंगे।
युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी के लिए हर ब्लॉक में प्रारंभिक चरण में 200 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वैच्छिक चकबंदी योजना जल्द शुरू की जाएगी। राज्य के स्थानीय उत्पादों फल, सब्जी, दूध की खरीद के लिए कृषि विभाग और आईटीबीपी के बीच एमओयू किया गया है। इसी तरह एसएसबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी एमओयू किया जाएगा, जिससे राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका भी बढ़ेगी। निजी क्षेत्रों में भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग के माध्यम से मार्केट लिंकेज की व्यवस्था की जाएगी। बैठक में तय हुआ कि भूतपूर्व सैनिकों राज्य में उपनल के माध्यम से कार्य करते हैं, उनको रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। विभिन्न संस्थानों में उनकी योग्यता पर आधारित सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। बैठक में उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना 2025 को मंजूरी मिली है। सचिव गृह शैलेश बगोली ने बताया कि वर्तमान योजना में पॉक्सो पीड़ितों हेतु कोई स्पष्ट प्रावधान न होने के कारण विभाग को व्यावहारिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसे दूर करने, पॉक्सो पीड़ितों के लिए न्यूनतम व अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि के निर्धारण के लिए यह नीति मंजूर की गई है। सरकार ने उत्तराखंड साक्षी संरक्षण योजना 2025 को मंजूरी प्रदान कर दी है, जो साक्षियों की सुरक्षा एवं गरिमा सुनिश्चित करेगी। इस योजना का उद्देश्य साक्षियों को किसी भी प्रकार के भय, दबाव या प्रतिशोध से मुक्त रखकर उन्हें न्यायालय के समक्ष स्वतंत्रतापूर्वक एवं सत्यनिष्ठा से गवाही देने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। विभिन्न स्तरों पर पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, संपर्क विवरण में बदलाव, भौतिक सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता जैसी सुरक्षा उपायों का प्रावधान किया गया है। सभी निर्णयों में गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ईरान पर कभी भी हो सकता है अमेरिका का हमला, ट्रंप ने फिर दी...

0
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है...

सीएए से जुड़े मामलों पर पांच मई से सुनवाई; स्टालिन के चुनाव को चुनौती...

0
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (2019) की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली आईयूएमएल समेत 200 से ज्यादा याचिकाओं...

जांच से खुलेंगे हादसे के रहस्य?: ‘जल्द जारी की जाएगी रिपोर्ट’, बारामती विमान हादसा...

0
नई दिल्ली: पुणे के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी। इस हादसे में पूर्व...

नाबार्ड के आरआईडीएफ फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड के...

आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकताः डॉ. आर. राजेश कुमार

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण...