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Monday, August 24, 2026


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वर्ष 2025 में 26 रिश्वतखोरों को विजिलेंस ने भेजा जेल, रिश्वतखोरों में 6 राजपत्रित व 20 अराजपत्रित कर्मचारी शामिल

देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विजिलेंस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। वर्ष 2025 में सतर्कता अधिष्ठान ने 21 ट्रैप मामलों में विभिन्न विभागों के कुल 26 रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में 6 राजपत्रित और 20 अराजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं, जिनसे कुल 5,94,100 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई।
बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पूरे वर्ष प्रभावी और कठोर कार्रवाई की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा एवं पुलिस अधीक्षक सेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
निदेशक सतर्कता ने बताया कि टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 मामलों में 17 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली विजिलेंस टीमों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है। वर्ष 2025 में विजिलेंस को कुल 2209 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 470 विजिलेंस एंगल और 1739 नॉन-विजिलेंस एंगल की थीं। विजिलेंस से जुड़ी शिकायतों में 14 मामलों में ट्रैप, 2 में खुली जांच और 83 मामलों को शासन अथवा संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। सालभर में 05 खुली जांच, 02 अन्वेषण और 21 ट्रैप मामलों सहित कुल 28 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही 20 मामलों में आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर शासन को आख्या भेजी गई। विगत वर्ष विजिलेंस की प्रभावी पैरवी के चलते भ्रष्टाचार के 6 मामलों में से 3 मामलों में अभियुक्तों को सजा भी सुनाई गई। शासन की स्थापित रिवॉल्विंग फंड के अंतर्गत अब तक 15 शिकायतकर्ताओं को 2,47,500 रुपये की ट्रैप धनराशि लौटाई जा चुकी है। इनमें 10 देहरादून और 5 हल्द्वानी सेक्टर के शिकायतकर्ता शामिल हैं।
भविष्य की कार्ययोजनाः सतर्कता अधिष्ठान ने भविष्य के लिए कुछ प्राथमिकताएं तय की हैं जिनमें एक वर्ष से अधिक लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ समन्वय कर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शैक्षणिक एवं सरकारी संस्थानों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पर्वतीय जिलों में 24×7 हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।

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