नई दिल्ली। भारत-मोरक्को दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त युद्धाभ्यास, रक्षा उद्योग में सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में संस्थागत ढांचा तैयार करने पर साथ काम करेंगे पर सहमति बनी। वहीं, रक्षा मंत्रालय के इस वार्ता के बारे में जाकारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने भारत और मोरक्को की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के साझा संकल्प को दर्शाया। भारत और मोरक्को ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके मोरक्कन समकक्ष अब्देल्टिफ लौडिई के बीच हुई बातचीत के बाद सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने आतंकवाद-रोधी अभियान, समुद्री सुरक्षा, साइबर डिफेंस और शांति स्थापना अभियानों में सहयोग के लिए व्यापक रोडमैप पर सहमति जताई। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए एक संस्थागत ढांचा तैयार होगा। इसमें आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और औद्योगिक संबंध भी शामिल होंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई के साथ मेरी बहुत अच्छी और उपयोगी बैठक हुई। हमने रक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। पिछले कुछ वर्षों में भारत और मोरक्को के संबंध उल्लेखनीय रूप से मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद विरोधी प्रयासों, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
इस समझौते से दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त युद्धाभ्यास, रक्षा उद्योग में सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में संस्थागत ढांचा तैयार करने पर साथ काम करेंगे पर सहमति बनी। वहीं, रक्षा मंत्रालय के इस वार्ता के बारे में जाकारी दी। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने भारत और मोरक्को की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के साझा संकल्प को दर्शाया।
वार्ता के दौरान राजनाथ सिंह ने राबात स्थित भारतीय दूतावास में एक नए रक्षा प्रकोष्ठ के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने मोरक्को को भारतीय रक्षा उद्योग की परिपक्व क्षमताओं, खासकर ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीकों के बारे में आश्वस्त किया।
मोरक्कन समकक्ष अब्देल्टिफ लौडिई को राजनाथ सिंह ने दिया भारत आने का न्योता
दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और हिंद महासागर व अटलांटिक कॉरिडोर की सामरिक अहमियत को देखते हुए समुद्री सुरक्षा में निकट समन्वय का स्वागत किया। वहीं, राजनाथ सिंह ने मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। बता दें कि राजनाथ सिंह की मोरक्को यात्रा किसी भारतीय रक्षा मंत्री की इस देश की पहली यात्रा है। 2015 में भारत में मोरक्को के किंग मोहम्मद छठे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद दोनों देशों के संबंधों में तेजी आई है।
भारत-मोरक्को में रक्षा समझौते; समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग पर रोडमैप हुआ तय
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