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Monday, September 21, 2026


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भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का किया आह्वान

नई दिल्ली। भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा बल यू.एन.आई.एफ.आई.एल. में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हाल में हुए हमलों की निंदा करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में कहा कि भारत शांति स्थापना में सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक योगदान देने वाले देशों में से एक रहा है और इसलिए शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। श्री जायसवाल ने बताया कि यू.एन.आई.एफ.आई.एल में 600 भारतीय सैनिक तैनात हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य शांति स्थापना मिशनों के अंतर्गत वैश्विक शांति स्थापना और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत एलपीजी, एलएनजी और अन्य उत्पादों को ले जाने वाले भारतीय जहाजों के निर्बाध और सुरक्षित पारगमन के लिए ईरान और उस क्षेत्र के अन्य देशों के संपर्क में है। उन्होंने बताया कि छह भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और भारत संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है।
श्री जायसवाल ने यह भी बताया कि ब्रिटेन ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर वार्ता के लिए भारत सहित कई देशों को आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि विदेश सचिव वार्ता में शामिल होंगे। उन्होंने आगे बताया कि भारत, बांग्लादेश को ऊर्जा आपूर्ति जारी रखे हुए है और हाल ही में श्रीलंका के अनुरोध पर  38 हजार मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति की गई है। उन्होंने कहा कि मालदीव सरकार ने भी  पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए भारत से संपर्क किया है। श्री जायसवाल ने कहा कि भारत  उपलब्धता और अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी अनुरोधों की जांच कर रहा है।
एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे एक करोड़ भारतीय नागरिक  सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनके साथ निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इस संघर्ष में अब तक आठ भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है और एक लापता है। श्री जायसवाल ने आश्वासन दिया कि विदेश मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय और क्षेत्र में स्थित सभी भारतीय दूतावासों के समन्वय से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली मौजूदा संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित सभी घटनाक्रमों और गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है।
प्रवक्ता ने बताया कि 204 भारतीय नागरिक स्थलीय सीमा के रास्ते ईरान से अजरबैजान जाने में सफल रहे हैं। उनमें से कई स्वदेश वापस लौट चुके हैं और अन्य अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे। श्री जायसवाल ने ईरान से भारतीय नागरिकों की निकासी में मदद के लिए अजरबैजान सरकार का आभार व्यक्त किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विचाराधीन बहरीन प्रस्ताव पर प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा परिषद के सदस्य मसौदे पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्वतंत्र और खुले वाणिज्यिक नौवहन तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री सुरक्षा का समर्थक है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की अपनी प्राथमिकता दोहराई।
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