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Wednesday, August 12, 2026


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विमान हादसा मदद के लिए आगे आया भारत; घायलों के इलाज के लिए बांग्लादेश भेजेगा बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम

नई दिल्ली: बांग्लादेश में सैन्य विमान हादसे में घायलों के इलाज के लिए भारत ने मंगलवार रात बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम ढाका भेजने की घोषणा की। ढाका के उत्तरा इलाके में सोमवार को मिलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज पर गिरे सैन्य विमान हादसे में 25 बच्चों समेत कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना में हुई जानमाल की क्षति पर शोक व्यक्त करते हुए सहायता का आश्वासन दिया था। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम जरूरी मेडिकल सहायता के साथ शीघ्र ही ढाका रवाना होगी। यह टीम मरीजों की स्थिति का आकलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर भारत में आगे के इलाज की सिफारिश करेगी। सूत्रों के अनुसार, टीम में दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल के दो डॉक्टर शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक आकलन के आधार पर अतिरिक्त मेडिकल टीम भी भेजी जा सकती है।
बांग्लादेश में विमान हादसे में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हादसे में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 25 बच्चे हैं। वहीं घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बांग्लादेशी वायुसेना का एक एफ-7 प्रशिक्षण विमान सोमवार को ढाका के उत्तरा क्षेत्र के दियाबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में क्रैश हो गया था। इसके बाद विमान में आग लग गई थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के विशेष सलाहकार सईदुर रहमान ने बताया कि अब मृतकों की संख्या 31 हो गई है और उनमें से 25 बच्चे हैं। मृतकों में से कई 12 वर्ष से कम उम्र के थे। अब तक 20 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं।
दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए बांग्लादेश वायु सेना द्वारा एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। रक्षा मंत्रालय के इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट (आईएसपीआर) ने कहा कि पायलट हुसैन ने किसी बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए विमान को सुनसान स्थान पर ले जाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह असफल रहे। सभी घायलों को वायु सेना के हेलीकॉप्टर और एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए संयुक्त सैन्य अस्पताल (सीएमएच) और अन्य निकटवर्ती सुविधाओं में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं, मंगलवार को हादसे के विरोध में हजारों छात्रों ने सड़कों पर उतर कर विरोध जताया। मिलस्टोन स्कूल और आस-पास के अन्य स्कूलों के छात्रों ने प्रदर्शन करते हुए मृतकों की सही जानकारी सार्वजनिक करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और पुराने और असुरक्षित ट्रेनिंग विमानों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
वहीं अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकारों कानून सलाहकार आसिफ नजरुल, शिक्षा सलाहकार सीआर आबरार और प्रेस सचिव शफीकुल आलम जब घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे तो छात्रों ने उनका घेराव कर लिया। साथ ही जोरदार नारेबाजी भी की। बात इतनी बढ़ गई कि अधिकारियों को एक स्कूल भवन में शरण लेनी पड़ी। सेना और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी के बावजूद छात्र काफी आक्रोशित रहे।

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