30.6 C
Dehradun
Tuesday, June 30, 2026


spot_img

भारत ने कनाडाई उच्चायोग के पास विरोध दर्ज कराया, धमकियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली: नई दिल्ली ने कनाडा के समक्ष भारत विरोधी परेड को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। परेड में भारतीय नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक, धमकीभरी भाषा और अस्वीकार्य छवि का इस्तेमाल किया गया। साथ ही भारत ने देश विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। सूत्रों ने कहा कि भारत ने फिर से कनाडा के अधिकारियों से भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जो लगातार नफरत फैला रहे हैं और आतंकवाद तथा अलगाववादी एजेंडे की वकालत कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को कहा कि भारत ने नई दिल्ली में कनाडा उच्चायोग के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि हमने टोरंटो में हुई परेड के संबंध में कनाडा के उच्चायोग को सख्त शब्दों में अपनी चिंता से अवगत कराया गया। परेड में हमारे नेतृत्व और कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों के खिलाफ धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया तथा भारतीय नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक व अस्वीकार्य छवि प्रदर्शित की गईं।
दरअसल खालिस्तान समर्थकों ने रविवार को कनाडा के टोरंटो में माल्टन गुरुद्वारे में भारत और हिंदू विरोधी परेड निकाली थी। खालिस्तान समर्थकों ने रैली में न सिर्फ खालिस्तान के झंडे लहराए बल्कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर के आपत्तिजनक पुतले भी लिए हुए थे। इसके अलावा खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में रह रहे करीब 8 लाख हिंदुओं को देश से निकालने की भी मांग की।
कनाडा के एक पत्रकार डेनियल बोर्डमैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इसमें खालिस्तान समर्थक माल्टन गुरुद्वारे में हिंदू विरोधी परेड निकालते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि ये जिहादी हमारी सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं और हमारे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे यहूदियों को धमका रहे हैं। क्या मार्क कार्नी का कनाडा जस्टिन ट्रूडो के कनाडा से अलग होगा? उन्होंने एक अन्य यूजर शॉन बिंदा की पोस्ट को रिट्वीट किया था। बिंदा ने अपने पोस्ट में लिखा कि माल्टन गुरुद्वारा में खालिस्तानी गैंग ने आठ लाख हिंदुओं को भारत भेजने की मांग की है। कनाडा में त्रिनिदाद, गुयाना, सूरीनाम, जमैका, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड्स, मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर, केन्या और कई अन्य देशों के लोग बसे हैं। यह भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं है बल्कि यह साफ तौर पर हिंदुओं के खिलाफ नफरत है।
हिंदू और भारत विरोधी परेड कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आम चुनाव में शानदार जीत के कुछ दिनों के अंदर हुई। उनकी जीत को भारत-कनाडा संबंधों में सुधार के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। सितंबर 2023 में त्रूडो के आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में तनाव आ गया था।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति...

0
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में अलग-अलग समीक्षा बैठकों के दौरान झारखंड में 3 हजार 245...

सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री और वितरण को नियंत्रित करने वाले अस्थायी...

0
नई दिल्ली। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री और वितरण को नियंत्रित करने वाले अस्थायी नियामक उपायों को वापस ले लिया है। पेट्रोलियम...

दूसरे रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किए वीरता पुरस्कार

0
नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे रक्षा अलंकरण समारोह में वीरता पुरस्कार प्रदान किए। एयर मार्शल तरुण चौधरी,...

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार का उत्तराखण्ड को...

0
देहरादून। उत्तराखण्ड में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत संचालित जलग्रहण विकास घटक 2.0 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने...

पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

0
देहरादून। उत्तराखंड के सभी थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने उत्तराखंड...