नई दिल्ली: माली में अस्थिर राजनीतिक हालात और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के चलते भारत ने वहां प्रस्तावित लिथियम अन्वेषण पहल को फिलहाल आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना में रूस की रोसाटॉम की भूमिका प्रस्तावित थी, जबकि भारत की काबिल और एनएलसी इंडिया भी इससे जुड़ी थीं। राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारत ने माली में प्रस्तावित लिथियम परियोजना से खुद को अलग करने का फैसला किया है। यह परियोजना रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम के समर्थन से आगे बढ़ाई जानी थी। सूत्रों के अनुसार, भारत अपने निवेश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम अफ्रीकी देश माली में अल कायदा से जुड़े उग्रवादी समूह सक्रिय हैं और वे आर्थिक परिसंपत्तियों तथा विदेशी निवेश को निशाना बना रहे हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों ने अपने नागरिकों को माली छोड़ने की सलाह भी दी है।
पिछले वर्ष रोसाटॉम ने भारत की सरकारी कंपनी खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (काबिल) और एनएलसी इंडिया लिमिटेड से माली में लिथियम की खोज के लिए संपर्क किया था। एक सूत्र ने कहा, परियोजना फिलहाल रोक दी गई है, क्योंकि ऐसे हालात में निवेश करने पर धन गंवाने का जोखिम है।
फिलहाल, भारत के खनन मंत्रालय, काबिल और एनएलसी इंडिया ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। रोसाटॉम ने भी इस मामले में अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। रूस हाल के वर्षों में माली और बुर्किना फासो सहित कई अफ्रीकी देशों के साथ सैन्य सहयोग के जरिये संबंध मजबूत कर रहा है।
भारत कार्बन उत्सर्जन के मामले में तीसरे स्थान पर है, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी लिथियम की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है। सरकार ने 2030 तक निजी कारों में 30 प्रतिशत और दोपहिया वाहनों में 80 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा है, जो फिलहाल क्रमश: 4 और 6 प्रतिशत है। भारत ने अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और चिली जैसे संसाधन-समृद्ध देशों में महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच के लिए प्रयास तेज किए हैं। वर्ष 2024 में काबिल ने अर्जेंटीना की एक सरकारी कंपनी के साथ पांच लिथियम ब्लॉकों की खोज और खनन के लिए समझौता किया था, लेकिन उसके बाद ऐसा कोई नया करार नहीं हुआ है।
सुरक्षा चिंताओं के चलते माली की लिथियम परियोजना से पीछे हटा भारत
Latest Articles
सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले मुख्य पुर्ज़ों पर मूल सीमा शुल्क...
नई दिल्ली। सरकार ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, पहनने योग्य स्मार्ट उपकरणों और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से...
विकसित भारत-2047 के लिए जे.पी. नड्डा का बुद्धिजीवियों से राष्ट्र निर्माण का आह्वान
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुद्धिजीवियों से विकासशील भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्र...
‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में ऐतिहासिक मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...
भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी...
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी की। यह चल रहे लोकायन 2026 समुद्री अभियान...
देहरादून महायोजना-2041ः जनता की आवाज से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य
देहरादून। राजधानी देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून...

















