23.5 C
Dehradun
Saturday, March 21, 2026


spot_img

यूनेस्को के सम्मेलन में भारत की ऐतिहासिक सफलता, दुनिया के 31 वेटलैंड सिटी में अब उदयपुर भी शामिल

उदयपुर: भारत ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित करते हुए पहली बार वेटलैंड सिटी के रूप में दो शहरों को मान्यता दिलाई है। राजस्थान के उदयपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर को यूनेस्को के रामसर सम्मेलन द्वारा वेटलैंड सिटी की सूची में शामिल किया गया है। यूनेस्को के रामसर ने झीलों के शहर उदयपुर को दुनिया की वेटलैंड सिटी में शामिल कर लिया है। दुनिया भर में अपनी झीलों की खूबसूरती के लिए विख्यात राजस्थान का उदयपुर अब दुनिया के 31 वेटलैंड मान्यता प्राप्त शहरों की सूची में शामिल हो गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को भी इस सूची में स्थान मिला है। उदयपुर और इंदौर के शामिल होने के बाद, अब दुनिया में 31 वेटलैंड सिटी हो गए हैं। यह उपलब्धि भारत के लिए गर्व का विषय है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी है कि भारत में पहली बार, मध्य प्रदेश के इंदौर और राजस्थान के उदयपुर दुनिया के 31 वेटलैंड मान्यता प्राप्त शहरों की सूची में शामिल हो गए हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी को एक साथ जोड़ने के दृष्टिकोण का प्रमाण है।” भूपेंद्र यादव ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी को संतुलित करने की दृष्टि का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि शहरी और ग्रामीण दोनों केंद्रों में पारिस्थितिकी संरक्षण से समझौता किए बिना हमारे शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास पर भारत की ओर से दिए गए जोर को दर्शाती है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उदयपुर और इंदौर की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “इंदौर और उदयपुर को बधाई! यह मान्यता सतत विकास और प्रकृति और शहरी विकास के बीच सामंजस्य स्थापित करने के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मेरी कामना है कि यह उपलब्धि सभी को हमारे देश में हरियाली, स्वच्छता और अधिक पर्यावरण अनुकूल शहरी स्थान बनाने की दिशा में काम करते रहने के लिए प्रेरित करे।”
वेटलैंड सिटी का दर्जा उन शहरों को दिया जाता है, जो अपने जल संसाधनों, झीलों और वेटलैंड्स के संरक्षण और समग्र प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। यह मान्यता शहरी और ग्रामीण विकास के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उदयपुर, जिसे पहले से ही “झीलों की नगरी” के रूप में जाना जाता है, ने इस मान्यता के जरिए अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है। शहर की पिछोला, फतेहसागर, और स्वरूपसागर जैसी झीलें इस उपलब्धि का आधार बनीं। उदयपुर के स्थानीय प्रशासन और समुदाय ने झीलों के संरक्षण के लिए सतत प्रयास किए हैं, जिससे यह वेटलैंड सिटी के मानकों पर खरा उतरा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित, कच्चे तेल व एलपीजी का पर्याप्त भंडार : सरकार

0
नई दिल्ली। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।...

भारत और भूटान ने डाक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

0
नई दिल्ली। भारत और भूटान ने डाक सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारतीय डाक और भूटान डाक के बीच...

हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी, हिमखंड गिरा; तीन नेशनल हाईवे समेत 100 सड़कें बंद

0
शिमला/धर्मशाला। प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले में झमाझम बारिश हुई है। अटल टनल रोहतांग...

भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पूरे क्षेत्र में पहली बार लाभ अर्जित किया:...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पहली बार पूरे क्षेत्र में लाभ...

SIR में आईटी वॉलिटिसर्य करेंगे BLO की मदद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राज्य...

0
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को...