नई दिल्ली: हाल के दिनों में देशभर में इंडिगो की बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस पूरे मामले पर अब एयरलाइन ने औपचारिक प्रतिक्रिया देते हुए माफी मांगी है। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा है कि कंपनी इस संकट की पूरी जिम्मेदारी लेती है।
चेयरमैन मेहता ने अपने बयान में कहा मैं बहुत सरल शब्दों में कहना चाहता हूं हम क्षमाप्रार्थी हैं। 3 दिसंबर को हुई अप्रत्याशित घटनाओं की श्रृंखला ने व्यापक स्तर पर फ्लाइट संचालन को प्रभावित किया। इससे यात्रियों को असुविधा हुई, जिसके लिए हम गहरा खेद प्रकट करते हैं। एयरलाइन ने बताया कि पिछले हफ्ते कड़े सुरक्षा नियमों की तैयारी ठीक से ना होने के कारण हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। 5 दिसंबर को स्थिति सबसे खराब रही, हालांकि अब संचालन काफी हद तक सामान्य हो चुका है। फिर भी बुधवार को दिल्ली, मुंबई समेत तीन बड़े एयरपोर्ट पर करीब 220 उड़ानें रद्द रहीं।
इसी के तहत बोर्ड ने फैसला लिया है कि बाहरी तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, जो प्रबंधन के साथ मिलकर असल वजहों की पहचान करेंगे और भविष्य में ऐसे संकट को रोकने के लिए जरूरी सुधार सुझाएंगे। उनका उद्देश्य यह पता लगाना है कि फ्लाइट संचालन में खामी कहां और कैसे उत्पन्न हुई। मेहता ने कहा हम हर पहलू की गहराई और निष्पक्षता से जांच करेंगे। यह जानना आवश्यक है कि गलती कहां हुई और आगे ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाने होंगे। मेहता ने यह भी कहा कि एयरलाइन पर लगे कुछ आरोप जैसे कि जानबूझकर संकट पैदा करना या सुरक्षा से समझौता करना पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो ने पायलट थकान (FDTL) के नए नियमों का पालन किया है और सुरक्षा रिकॉर्ड पर कोई असर नहीं पड़ा है।
मेहता ने माना कि इन दिनों हम आपकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने कहा कि एयरलाइन पर जो भी उचित आलोचना हुई है, वह मानने योग्य है। हमें अपने ग्राहकों, सरकार, शेयरहोल्डर्स और कर्मचारियों को जवाब देना है। हम हर गलती की जांच करेंगे और उससे सीखेंगे।
गौरतलब है कि फ्लाइट कैंसिल होने का सिलसिला अभी भी जारी है। इस बीच डीजीसीए ने भी इंडिगो एयरलाइन पर सख्ती बढ़ाते जा रहा हैं। विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में दी गई वृद्धि को कम किया है। वहीं दस प्रतिशत उड़ानों को घटाने का निर्देश दिया है। सूत्रों का कहना है कि,मंत्रालय इंडिगो पर पर 1,000 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने की संभावना पर भी विचार कर रहा है।
इंडिगो चेयरमैन विक्रम मेहता ने कहा-बाहरी विशेषज्ञ करेंगे खामियों की जांच
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