नई दिल्ली। भारतीय नौसेना में मंगलवार को स्वदेश निर्मित स्टील्थ फ्रिगेट आइएनएस उदयगिरी और रूसी निर्मित गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आइएनएस तमाल को शामिल किया गया। इससे भारतीय नौसेना की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। दोनों फ्रिगेट अत्याधुनिक हथियारों, सेंसर और स्टील्थ तकनीक से लैस है और भारत की समुद्री सीमा की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा।
मझगांव डाक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित प्रोजेक्ट 17ए का दूसरा स्टील्थ फ्रिगेट आइएनएस उदयगिरी आधिकारिक रूप से नौसेना को सौंप दिया गया। यह युद्धपोत उस पूर्ववर्ती आइएनएस उदयगिरी का आधुनिक रूप है, जो 2007 में 31 वर्षों की सेवा के बाद सेवामुक्त हुआ था।
नया उदयगिरी एक मल्टी-मिशन फ्रिगेट है, जो गहरे समुद्र में परिचालन (ब्लू वाटर आपरेशन) के लिए डिजाइन किया गया है और पारंपरिक व गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। आइएनएस उदयगिरी को सिर्फ 37 महीनों में लांचिंग के बाद तैयार किया गया, जो निर्माण गति में एक रिकॉर्ड है।
यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित सात जहाजों में से दूसरा है। बाकी पांच युद्धपोत मझगांव डाक मुंबई और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स कोलकाता में निर्माणाधीन हैं और 2026 के अंत तक सौंपे जाएंगे।
इस युद्धपोत का निर्माण पूरी तरह स्वदेशी तकनीकों और भारतीय उद्योगों के सहयोग से हुआ है। इसमें शामिल अधिकांश हथियार और सेंसर देश के ही ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएमएस) द्वारा आपूर्ति किए गए हैं। निर्माण के दौरान 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इससे जुड़े रहे।
वहीं, रूस निर्मित निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट आइएनएस तमाल को रूस के तटीय शहर कलिनिनग्राद में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, जिसमें अनेक बंदूकें, निगरानी प्रणालियां और ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल शामिल हैं। यह बहुउद्देश्यीय युद्धपोत न केवल दुश्मन की नजरों से बच निकलने में सक्षम है, बल्कि यह सतह, वायु और पनडुब्बी हमलों से मुकाबले के लिए अत्याधुनिक तकनीकों से लैस है।
आइएनएस तमाल का डिजाइन रूसी सेवेरनोये डिजाइन ब्यूरो और भारतीय विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसमें स्वदेशी सामग्री को 33 प्रणालियों तक बढ़ाया गया है। इसमें ब्रह्मोस एयरोस्पेस, भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, केलट्रान, टाटा की नोवा इंटीग्रेटेड सिस्टम्स जैसे भारतीय निर्माता शामिल हैं।
इस युद्धपोत की अधिकतम स्पीड 30 नॉट की है और यह उच्च सहनशक्ति के साथ अपने वजन से कहीं अधिक शक्तिशाली है। इस युद्धपोत का नाम ‘तमाल’ है, देवताओं के राजा इंद्र द्वारा युद्ध के लिए प्रयोग की गई दिव्य तलवार का प्रतीक है। इसका शुभंकर है ‘द ग्रेट बियर्स’, जो भारतीय पौराणिक कथाओं के भालू राजा जामवंत और रूसी भूरे भालू से प्रेरित है। इसका आदर्श वाक्य है ‘सर्वदा सर्वत्र विजया’।
भारतीय नौसेना में शामिल हुए आइएनएस उदयगिरी और तमाल
Latest Articles
उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां बोलीं- भारत बन सकता है एआई का पावरहाउस, तकनीक...
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेज विस्तार के साथ देश के प्रमुख उद्योग लीडर्स ने इसे लोकतांत्रिक बनाने और हर नागरिक तक पहुंचाने की...
ईरान पर कभी भी हो सकता है अमेरिका का हमला, ट्रंप ने फिर दी...
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दो टूक कहा है...
सीएए से जुड़े मामलों पर पांच मई से सुनवाई; स्टालिन के चुनाव को चुनौती...
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (2019) की सांविधानिक वैधता को चुनौती देने वाली आईयूएमएल समेत 200 से ज्यादा याचिकाओं...
जांच से खुलेंगे हादसे के रहस्य?: ‘जल्द जारी की जाएगी रिपोर्ट’, बारामती विमान हादसा...
नई दिल्ली: पुणे के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी। इस हादसे में पूर्व...
नाबार्ड के आरआईडीएफ फंड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड के...

















