9.5 C
Dehradun
Monday, January 5, 2026


सीमान्त गाँवों के विकास एवं पलायन रोकथाम को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

देहरादून। सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने आज सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम एवं वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव ग्राम्य विकास ने स्पष्ट किया कि कार्ययोजना बनाते समय आजीविका सृजन गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक चिन्हित विकासखंड में कम से कम एक मदर पोल्ट्री यूनिट की स्थापना, तथा स्थानीय स्तर पर मत्स्य पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, सामुदायिक पर्यटन, प्रसंस्करण आदि गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु चेन-लिंक फेंसिंग के प्रस्ताव भी शामिल करने के निर्देश दिए गए ताकि पलायन रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने में मदद मिल सके। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जनपदों में संचालित ग्रोथ सेंटरों के उत्पादों के विपणन एवं उनकी नियमित मॉनिटरिंग पर भी बल दिया गया।
सीमांत जनपद चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चम्पावत एवं उधम सिंह नगर की योजनाओं की अलग से प्रगति समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि बार्डर एरिया के गावों के लिए क्लस्टर आधारित ग्राम संतृप्तीकरण कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें मूलभूत सुविधाओं के साथ आजीविका-सृजन एवं स्वरोजगार परक गतिविधियाँ सम्मिलित हों। वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत प्रत्येक सीमांत गाँव को सड़क, 4जी टेलीकॉम कनेक्टिविटी, टीवी कनेक्टिविटी एवं ग्रिड विद्युत से संतृप्त करने के निर्देश दिए गए। चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जनपदों को वीवीपी-1 के गांवों की संतृप्तीकरण कार्य योजना शीघ्र पोर्टल पर भेजने के लिए कहा गया। प्रत्येक वीवीपी गांव के लिए समेकित पर्यटन विकास योजनाएँ भी तैयार की जाएंगी। सचिव ने सूचित किया कि सभी योजनाओं के प्रस्ताव समय पर प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पोर्टल को एक सप्ताह के भीतर क्रियाशील करने के निर्देश एसपीएमयू एवं आईटीडीए को दिए गए। बैठक में अपर सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती अनुराधा पाल, संयुक्त विकास आयुक्त संजय कुमार सिंह, उपायुक्त ए.के. राजपूत, डॉ. प्रभाकर बेबनी सहित एसपीएमयू एवं आईटीडीए के अधिकारी मौजूद रहे। सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

केंद्र ने DSIR से फंड लेने के लिए स्टार्टअप्स के नियमों में दी ढील,...

0
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रविवार को डीप-टेक स्टार्टअप्स (गहन तकनीकी स्टार्टअप्स) को डिपार्टमेंट ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (डीएसआईआर) से वित्तीय मदद लेने...

ओडिशा में अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की मौत, 15 से अधिक घायल

0
भुवनेश्वर। ओडिशा के कई जिलों में रविवार को हुए अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग...

भारत अब सुरक्षा के लिए बाहरी तत्वों पर निर्भर नहीं’, गोवा शिपयार्ड के कार्यक्रम...

0
चिकालिम (गोवा): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को गोवा पहुंचे, जहां चिकालिम में गोवा शिपयार्ड के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सिंह...

अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को सड़कों पर उतरे विभिन्न जन संगठन

0
देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के खिलाफ लोगों का आक्रोश फिर से सड़कों पर दिखने लगा है। जन सैलाब के रूप में...

बर्फबारी के बाद बढ़ी केदारनगरी की भव्यता

0
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी के बाद केदारनगरी चांदी की तरह चमक रही है। बर्फ गिरने के बाद धाम की सुंदरता देखते ही...