मस्कत। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को ओमान के समकक्ष बद्र अलबुसैदी के साथ व्यापार, निवेश और उर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर व्यापक चर्चा की। जयशंकर आठवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे हैं।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी से मिलकर खुशी हुई। 8वें हिंद महासागर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए उनके निजी प्रयासों की सराहना करता हूं। उन्होंने आगे कहा, हमने व्यापार, निवेश और उर्जा सुरक्षा में सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघजी से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों व क्षेत्र के विकास पर चर्चा की। इसके बाद उन्होंने ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो एरवान पेहिन यूसोफ के साथ भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने भारत-आसियान साझेदारी को और मजबूत करने पर विचार किया। उन्होंने भूटान के विदेश मंत्री डी.एन. ढुंगयेल से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भी मुलाकात की।
सम्मेलन में जयशंकर ने हिंद महासागर को दुनिया की जीवनरेखा बताते हुए क्षेत्र के देशों से एक-दूसरे का समर्थन करने, ताकत को आपस में जोड़ने, विकास, संपर्क, समुद्रीय और सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने के लिए अपनी नीतियों का समन्वय करने की अपील की। ओमान में भारतीयों का एक बड़ा समुदाय है। अगस्त 2024 तक यह संख्या करीब 664,783 थी।
जयशंकर ने ओमान के समकक्ष से की मुलाकात, व्यापार-निवेश और उर्जा सुरक्षा पर हुई चर्चा
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