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Tuesday, February 10, 2026


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झारखंड भाजपा को जल्द मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा चुनाव में हार के बाद बड़े बदलाव की तैयारी

रांची: रांची में भाजपा की दो दिवसीय चुनाव समीक्षा बैठक के बाद भाजपा के झारखंड प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन अगले साल फरवरी तक हो सकता है। यह घोषणा 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का सदस्यता अभियान 7 या 8 दिसंबर को राज्य में शुरू होगा। लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने आगे कहा, इस सदस्यता अभियान के माध्यम से हम प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचेंगे और एक ऐसा संगठन बनाएंगे जो सभी को सुरक्षा प्रदान करेगा। बता दें कि बाबूलाल मरांडी अभी झारखंड भाजपा के अध्यक्ष हैं। लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि दो दिवसीय बैठक के दौरान प्राप्त सभी फीडबैक को नोट कर लिया गया है और यहां संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी की भविष्य की योजनाओं में इनपुट को ध्यान में रखा जाएगा।
भाजपा के झारखंड प्रभारी ने बताया कि सांसद डी. पुरंदेश्वरी को झारखंड में सदस्यता अभियान देखने के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा, सदस्यता अभियान को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस बारे में मार्गदर्शन देने के लिए वह शनिवार या रविवार को झारखंड में होंगी। वहीं पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि दो दिवसीय बैठक पांच सत्रों में हुई और चुनाव संचालन से लेकर प्रबंधन और नतीजों तक हर चीज पर चर्चा की गई। हाल ही में संपन्न झारखंड चुनाव में भाजपा ने 81 विधानसभा सीटों में से 68 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 21 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय ने कहा कि उन्हें पूरे राज्य से पार्टी के लिए सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। उन्होंने कहा, चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में नहीं थे। यह केवल झामुमो, कांग्रेस और राजद की तरफ से जाति और धर्म के बारे में फैलाई गई गलत सूचनाओं के कारण था। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय बैठक में उन्हें संगठन या उम्मीदवारों की ओर से कोई कमी नहीं दिखी।
रवींद्र राय ने आगे चुनावी नतीजों को स्वीकार करते हुए कहा कि, हां, लोगों तक मुद्दों को पहुंचाने में कुछ कमी थी। राज्य में पार्टी का वोट शेयर बढ़ा है। आने वाले दिनों में हम और मजबूत होकर उभरेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, पार्टी लोगों के हित में काम करेगी और सरकार पर कड़ी नजर रखेगी कि वह चुनाव के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रही है या नहीं। पार्टी के कुछ अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया कि राज्य में भाजपा की हार के पीछे ‘अति आत्मविश्वास, पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, आंतरिक मतभेद और झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार की लोकलुभावन कल्याणकारी योजना ‘मईयां सम्मान योजना’ बड़ी वजह थे।’

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