नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा पर स्थित झारखंड के ओरसा घाट पर बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में पांच महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई। लगभग 70 यात्री घायल हुए हैं। मृतक व घायल बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत – महाराजगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं।
सगाई के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी झारखंड के लोध फाल जा रहे थे।बस में क्षमता से अधिक लगभग 80 से 90 यात्री सवार थे।ब्रेक फेल होने से चालक का बस पर से नियंत्रण हट गया।घायलों को छत्तीसगढ़ और झारखंड के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया है।
छत्तीसगढ़ के सामरी और झारखंड के महुआडांड़ को जोड़ने वाली सड़क पर हादसा रविवार शाम लगभग चार बजे हुआ। बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पीपरसोत,महाराजगंज, झपरा, बुद्धूडीह के महिला-पुरूष बलरामपुर के ज्ञान गंगा पब्लिक हाई स्कूल की बस में सवार होकर सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड के महुआडांड थाना क्षेत्र के लोध फाल जा रहे थे।
ओरसाघाट के एक मोड़ पर तेज गति की बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख -पुकार मच गई। सूचना मिलते ही बलरामपुर जिले के सामरी थाना और लातेहार जिले के महुआडांड से पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तब तक चार महिला की मौत हो चुकी थी। 70 से अधिक लोग घायल थे। इन्हें एंबुलेंस तथा निजी वाहनों से झारखंड के महुआडांड़ ,गुमला,लातेहार अस्पताल में भर्ती किया गया।
अस्पताल में एक महिला ने दम तोड़ दिया। कुछ घायलों को अंबिकापुर और रांची भी ले जाया जा रहा है।इस घटना से पीपरसोत,महाराजगंज गांव में शोक का माहौल निर्मित हो गया है। बलरामपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा घायलों के स्वजन घटनास्थल और अस्पतालों में पहुंचने लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। ओरसा घाटी की तीखी ढलान पर पहुंचते ही बस अचानक तेज गति से नीचे की ओर बढ़ने लगी और कुछ ही पल में पलट गई। बस के पलटने से कई यात्री बस के नीचे दब गए।
बस चालक विकास पाठक ने बताया कि घाटी में उतरते समय ही उन्हें ब्रेक फेल होने का एहसास हो गया था। उन्होंने बस को नियंत्रित करने के लिए हैंडब्रेक का भी सहारा लिया, लेकिन ढलान होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं रखा जा सका। चालक के मुताबिक उन्होंने यात्रियों को संभलने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन कुछ ही क्षणों में हादसा हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही ग्राम ओरसा के दर्जनों महिला-पुरुष मौके पर पहुंचे और घायलों को बस के नीचे से बाहर निकालने में जुट गए। ग्रामीणों की तत्परता से कई घायलों की जान बच सकी। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ और कार्मेल अस्पताल महुआडांड़ में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर,कुसमी और झारखंड के रांची ले जाया जा रहा है।
दुर्घटना में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान बलरामपुर जिले के पीपरसोत गांव निवासी रेसंती देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी एवं सुखना भुइयां के रूप में की गई है। मृतकों में विकास कुमार,विजय कुमार भी महाराजगंज बलरामपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। दो पुरुष और एक महिला की पहचान नहीं हो सकी है।
झारखंड के ओरसा घाट में भीषण सड़क दुर्घटना में बलरामपुर जिले के लोगों की हुई मौतों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व क्षेत्रीय विधायक कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यात्रियों के आवश्यक उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
झारखंड बस हादसा: ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित हुई स्कूल बस, 9 लोगों की मौत; 70 घायल
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