नई दिल्ली: मोदी सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के तहत उर्वरक विभाग ने डिजिटल शासन और वित्तीय सुधारों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार(01 जनवरी) को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में ई-बिल प्रणाली का उद्घाटन किया, जिससे सरकार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी की प्रक्रिया कर सकेगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह प्रणाली मैनुअल, कागज-आधारित प्रक्रियाओं से पूरी तरह से डिजिटल कार्यप्रवाह की ओर एक बदलाव का प्रतीक है, जिससे बिलों के भौतिक हस्तांतरण की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। नड्डा ने उद्घाटन कार्यक्रम में कहा, “यह ऑनलाइन सिस्टम पारदर्शी, कुशल और टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” वहीं उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने इस लॉन्च को “विभाग के वित्तीय संचालन के आधुनिकीकरण में एक बड़ा मील का पत्थर” बताया।
यह पहल उर्वरक विभाग की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) और वित्त मंत्रालय के लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के बीच एक तकनीकी साझेदारी का परिणाम है। सीजीए संतोष कुमार ने कहा कि यह परिवर्तन “सभी वित्तीय लेनदेन के लिए एक केंद्रीकृत और छेड़छाड़-रहित डिजिटल ऑडिट ट्रेल बनाकर पारदर्शिता और जवाबदेही को काफी हद तक बढ़ाता है, जिससे निगरानी और ऑडिट आसान हो जाते हैं।”
बता दें कि यह सिस्टम खर्चों की रियल-टाइम निगरानी और मजबूत वित्तीय नियंत्रण प्रदान करता है, जिसमें सभी भुगतानों को ट्रैक किया जाता है और केंद्रीय रूप से रिपोर्ट किया जाता है। वहीं उर्वरक मंत्रालय में संयुक्त सचिव मनोज सेठी ने कहा कि यह सिस्टम “एंड-टू-एंड डिजिटल बिल प्रोसेसिंग को सक्षम बनाता है, जो भुगतान की समय-सीमा को काफी तेज करेगा, जिसमें साप्ताहिक उर्वरक सब्सिडी भुगतान की समय पर रिलीज भी शामिल है।”
यह ई-बिल प्लेटफॉर्म उर्वरक कंपनियों को ऑनलाइन क्लेम जमा करने और रियल टाइम में भुगतान की स्थिति को ट्रैक करने की अनुमति देता है, जिससे फिजिकल दौरे और मैनुअल फॉलो-अप खत्म हो जाते हैं। यह एक मानक इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ़्लो लागू करता है, जिसमें फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट बिल प्रोसेसिंग शामिल है, जो वित्तीय नियमों के साथ निरंतरता और अनुपालन सुनिश्चित करता है। इस सिस्टम में मजबूत बिल्ट-इन कंट्रोल भी हैं, जो पूर्वनिर्धारित मानदंडों के आधार पर भुगतानों को मान्य करते हैं, ऑडिट उद्देश्यों के लिए हर कार्रवाई को लॉग करते हैं और धोखाधड़ी के जोखिम को कम करते हैं।
जेपी नड्डा ने ई-बिल प्रणाली का किया उद्घाटन, 2 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी की प्रक्रिया होगी आसान
Latest Articles
ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में संयुक्त घोषणा पत्र सर्वसम्मति से स्वीकार
नई दिल्ली। ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक का समापन आज आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हो गया। इसमें ब्रिक्स खेल संयुक्त घोषणा पत्र सर्वसम्मति...
नाथूला दर्रे के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न, 464 श्रद्धालु हुए शामिल
नई दिल्ली। सिक्क्मि के नाथूला दर्रे के रास्ते से होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा आज संपन्न हो गई। इसके माध्यम से 464 तीर्थ यात्रियों...
प्रधानमंत्री मोदी ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र से नवाचार की वैश्विक छवि बनाने का आग्रह...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप्स ने सरकार में अपना विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र...
आईसीएआर महानिदेशक ने मृदा डेटाबेस को कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया
नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने कहा कि राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण और भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो द्वारा...
गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में भाग लेंगे
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कल नई दिल्ली में आयोजित होने वाले नौवें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन में भाग लेंगे।
दो दिवसीय यह...

















