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Sunday, September 6, 2026


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केजरीवाल 1 जून तक अंतरिम जमानत पर रहेंगे

नई दिल्ली। दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल में बंद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट से 22 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। हालांकि, जमानत के दौरान केजरीवाल न तो मुख्यमंत्री दफ्तर जाएंगे और न ही फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विरोध को दरकिनार करते हुए अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए एक जून तक सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। केजरीवाल को दो जून को फिर सरेन्डर करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देते हुए जो शर्तें लगाई हैं उनमें कहा है कि जमानत के दौरान केजरीवाल मुख्यमंत्री दफ्तर और सचिवालय नहीं जाएंगे। केस में अपनी भूमिका के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे और न ही इस केस से जुड़ी ऑफिशियल फाइलों को देखेंगे। वह गवाहों से संपर्क नहीं करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा है कि केजरीवाल उनकी ओर से कोर्ट में दिये गए इस बयान से बंधे होंगे कि वह जमानत के दौरान किसी ऑफिशियल फाइल पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेंगे, जब तक कि किसी मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल से मंजूरी लेने के लिए ऐसा करना जरूरी न हो। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने अरविंद केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एक जून तक अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि केजरीवाल जेल अधीक्षक की संतुष्टि का पचास हजार का निजी मुचलका भरेंगे और इतनी ही राशि का एक जमानती देंगे। केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई अभी लंबित है।
शुक्रवार को जब पीठ मामले पर सुनवाई के लिए बैठी तो ईडी की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने का विरोध करते हुए कहा कि चुनाव के आधार पर अंतरिम जमानत दिए जाने का अभी तक कोई उदाहरण नहीं है। मेहता ने गैरकानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) में आरोपित जेल में बंद अमृतपाल सिंह का उदाहरण दिया कहा अब वह भी इसी आधार पर पहुंचा है। पीठ ने कहा कि वह मामला यहां लागू नहीं होगा। मेहता ने कहा कि केजरीवाल स्वयं चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन कोर्ट ने कहा कि वह केजरीवाल को एक जून तक अंतरिम जमानत दे रहे हैं। पीठ ने कहा 21 दिनों की अंतरिम जमानत से ज्यादा अंतर नहीं पड़ता। मामले की जांच अगस्त 2022 से चल रही है। हालांकि, कोर्ट ने केजरीवाल के वकील की पांच जून तक अंतरिम जमानत देने की मांग नहीं मानी। कोर्ट ने कहा कि प्रचार पहले समाप्त हो जाएगा। मालूम हो कि चार जून को लोकसभा चुनाव के रिजल्ट आएंगे।

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