किश्तवाड़: किश्तवाड़ के डूल इलाके के घने जंगल में आतंकी गुफाओं में छिपते फिर रहे हैं। सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह एक गुफा में आतंकियों के छिपे होने की आशंका पर इसके मुहाने पर गोलीबारी के साथ विस्फोटक दागा, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने बताया कि गुफा के बाहर विस्फोट किया गया है। हिजबुल मुजाहिदीन के दो मोस्ट वांटेड आतंकियों रियाज अहमद और मुदस्सर अहमद के जंगल में छिपे होने के विशेष इनपुट पर रविवार तड़के सुरक्षाबलों ने जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया था। आतंकियों ने सुबह करीब 6:30 बजे सर्च ऑपरेशन कर रहे जवानों पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई, लेकिन आतंकी घने जंगल की आड़ में भाग निकले।
सेना के पैरा कमांडो, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे जंगल की घेराबंदी कर रखी है। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आतंकियों की तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। आतंकवादियों की ओर से रविवार शाम को आखिरी बार गुफा के पास से गोलीबारी की गई थी। यह गुफा काफी गहरी बताई जा रही है। सुरक्षाबलों को संदेह है कि दहशतगर्द इसके अंदर छिपे हो सकते हैं। सोमवार को भी जवानों ने तलाशी अभियान चलाया। हालांकि सफलता नहीं मिली है। जिले के अन्य इलाकों को भी खंगाला जा रहा है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, दोनों स्थानीय आतंकी हैं और पिछले आठ साल से जिले में सक्रिय हैं। इन पर 10-10 लाख रुपये का इनाम भी रखा गया है। दहशतगर्दों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए लगातार ऑपरेशन जारी है।
















