नई दिल्ली। आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने निर्माण क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। नई दिल्ली में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के 172वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी भवन या संरचना के निर्माण के दौरान उसकी मजबूती से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
मनोहर लाल ने कहा कि भारत की बुनियादी ढांचागत आकांक्षाओं के लगातार विस्तार के साथ केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने विभाग से नवाचार को बढ़ावा देने, टिकाऊ निर्माण पद्धतियां अपनाने और गुणवत्ता, स्थायित्व तथा संरचनात्मक मजबूती के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के अनुरूप परियोजनाओं को पूरा करने का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री ने नागरिक केंद्रित अवसंरचना के निर्माण के लिए संकल्प – गति, पहुंच, नेक नियत, कर्तव्य निष्ठा, प्रौद्योगिकी, लोकहित और प्रसार की भावना के साथ आगे बढ़ने पर भी बल दिया। उन्होंने केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संगठन की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए पूरी ईमानदारी और नैतिकता के साथ काम करने का आह्वान किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राष्ट्रीय लोक निर्माण परिषद के भवन की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथला और केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक भी उपस्थित थे।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कटिकिथाला ने देश भर में गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक अवसंरचना के निर्माण में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग के महानिदेशक सतिंदर पाल सिंह ने नवाचार, व्यावसायिकता और परियोजनाओं के समय पर निष्पादन के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली सार्वजनिक अवसंरचना प्रदान करने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण और कौशल विकास विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बनी हुई हैं।
















