देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राधिकरण द्वारा यह अभियान क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। एमडीडीए की टीम ने गली नंबर 10, निर्मल बाग, ब्लॉक-बी, पशुलोक, ऋषिकेश (देहरादून) में श्रवि द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। बताया गया कि संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण की निर्माण संबंधी नियमावली का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके अतिरिक्त, खेरिकला स्यामपुर, ऋषिकेश में सुनील रावत द्वारा लगभग 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बनाई गई अवैध सड़कों एवं भू-खंडों के सीमांकन को हटाते हुए प्लाटिंग को निरस्त किया गया। इसी क्रम में रायवाला, ऋषिकेश क्षेत्र में संदीप रावत द्वारा लगभग 06 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया और संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। “एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे बिना मानचित्र स्वीकृति या विधिक अनुमति के किसी भी निर्माण कार्य में निवेश न करें,” उन्होंने कहा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। “हमारा लक्ष्य पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी,” उन्होंने कहा। एमडीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे ऋषिकेश सहित समूचे प्राधिकरण क्षेत्र में सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
ऋषिकेश में अवैध निर्माण और प्लाटिंग पर एमडीडीए का सख्त प्रहार
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