देहरादून: राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का अभियान लगातार तेज हो रहा है। बुधवार को जीएमएस रोड और शिमला रोड पर दो निर्माणों को सील कर प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया कि नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे निर्माण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। सुनियोजित विकास और सुरक्षित शहर के लक्ष्य को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने साफ कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बुधवार को प्राधिकरण ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवनों को सील कर दिया। जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट और वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में किए जा रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जीएमएस रोड पर व्यवसायिक निर्माण पर चला प्राधिकरण का एक्शन
एमडीडीए की टीम ने बुधवार को जीएमएस रोड स्थित पिडकुल कार्यालय के निकट फरमान द्वारा कराए जा रहे व्यवसायिक निर्माण का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य प्राधिकरण से प्राप्त स्वीकृतियों और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में सामने आई अनियमितताओं के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल को सील कर दिया और निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ता को पूर्व में भी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने और निर्माण को नियमों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया।
वन विहार, शिमला रोड में भी गिरी कार्रवाई की गाज
एमडीडीए की दूसरी बड़ी कार्रवाई वन विहार, शिमला रोड क्षेत्र में की गई। यहां कामिल द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्माण में कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं। अधिकारियों ने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। इसके बाद प्राधिकरण ने मौके पर ही निर्माण स्थल को सील कर दिया और आगे के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी।
नियमित निरीक्षण अभियान से हो रही पहचान
एमडीडीए द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में तैनात टीमें निर्माण गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति निर्माण अथवा मानकों के विपरीत कार्य किए जाने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को सख्त चेतावनी
एमडीडीए ने भवन स्वामियों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए गए निर्माणों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित सभी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त सचिव के आदेश पर हुई कार्रवाई
दोनों निर्माणों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर की गई। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता मुनेश राणा, प्राधिकरण के सुपरवाइजर तथा अन्य कार्मिक मौजूद रहे। टीम ने विधिवत सीलिंग की प्रक्रिया पूरी कर दोनों निर्माण स्थलों पर कार्य बंद करा दिया।
अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। देहरादून के सुनियोजित और सुरक्षित विकास के लिए भवन निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
नियमों के विपरीत निर्माण पर तत्काल कार्रवाई : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी नियमों के विपरीत निर्माण कार्य पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण संबंधी सभी नियमों और स्वीकृतियों का पालन करने की अपील की।

















