27.5 C
Dehradun
Saturday, June 20, 2026


spot_img

टीबी जांच को डोर टू डोर जाएगी मोबाइल टेस्टिंग वैनः धन सिंह रावत

देहरादून। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत  प्रदेश में टीबी रोगियों को खोजने प्रयास और तेज कर दिये हैं। इसके लिये शीघ्र ही पांच मैदानी जनपदों में मोबाइल टेस्टिंग वैन चलाई जाएगी, जो डोर टू डोर जाकर मरीजों के बलगम की जांच करेगी। रिपोर्ट में पाजीटिव आने वाले टीबी मरीजों को ट्रीटमेंट से जोड़ा जाएगा।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ रावत ने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोगियों की जांच व उपचार युद्ध स्तर चल रहा है। यही वजह है कि टीबी उन्मूलन की दिशा में उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों में सुमार है। डॉ रावत  ने बताया कि राज्य में टीबी मरीजों की जांच व उपचार अधिक से अधिक हो इसके लिये शीघ्र ही पीपीपी मोड़ में मोबाइल ट्यूबरक्लोसिस टेस्टिंग वैन चलाई जायेगी। इस योजना के तहत राज्य के पांच मैदानी राज्यों को कवर किया जायेगा जिसमें हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत, नैनीताल व देहरादून जनपद शामिल हैं। मोबाइल टेस्टिंग वैन्स इन जनपदों के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर  मरीजों की टीबी जांच करेगी। रिपोर्ट में पाजीटिव आने वाले मरीजों को ट्रीटमेंट से जोड़ा जाएगा। जिससे इस बीमारी पर कंट्रोल किया जा सके। डॉ रावत ने बताया कि  मोबाइल वैन में टीबी जांच के लिए सीबी नेट मशीन के साथ बलगम जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इन जनपदों में अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंच के लिये बकायदा रूट प्लान तैयार किया जाएगा साथ ही सम्बन्धित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा इस योजना की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी।
सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखंड टीबी उन्नमूलन के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में से एक है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में 10,705 निरूक्षय मित्र बनाया गये हैं, जिनके द्वारा 23,819 टीबी मरीजों की सहायता की। जिनमें से 14,948 टीबी मरीज निरूक्षय मित्र की सहायता ले चुके हैं जबकि 8,871 टीबी मरीजों को निरूक्षय मित्रों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उत्तराखंड तेजी से टीबी उन्मूलन की ओर अग्रसर है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के नेतृत्व में अबतक प्रदेश के 1424 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत लगभग 3200 गॉंवों को भारत सरकार द्वारा टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। जो कि टीबी मुक्त उत्तराखंड की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया

0
नई दिल्ली। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने फ़ैसला सुनाया कि तय फ़ुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने कहा कि किसी...

सेबी ने बाजार को अधिक प्रभावी बनाने और अनुपालन को आसान करने के लिए...

0
नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने बाजार को अधिक प्रभावी बनाने और अनुपालन को आसान करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए...

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत 2400 करोड़ रुपये की...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2400 करोड़ रुपये...

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए 289 करोड़ की वित्तीय...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, यातायात व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं...

उत्तराखंड में 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को मिली 24 करोड़...

0
देहरादून। मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में...