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Tuesday, July 28, 2026


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उत्तराखंड के विकास का आधार है मातृशक्ति: रेखा आर्या

हल्द्वानी। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर गौलापार स्थित मानसखंड खेल परिसर में शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से “मातृ शक्ति उत्सव:-अमृत काल की नारी शक्ति: जननी भी, जननेता भी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या थीं। कार्यक्रम में राज्य स्थापना से लेकर अब तक महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और योगदान को सजीव प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। मंचीय प्रस्तुतियों में उत्तराखंड आंदोलन के दौर की झलक से लेकर आज के विकासशील उत्तराखंड की कहानी में नारी शक्ति की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना में मातृशक्ति ने निर्णायक योगदान दिया था और आज राज्य की प्रगति यात्रा में भी महिलाओं की भूमिका अग्रणी है। उन्होंने कहा कि अब हमारा अगला लक्ष्य 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी सामर्थ्य और समर्पण से योगदान देना है। रेखा आर्या ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर राज्य का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने मातृशक्ति से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री शांति मेहरा, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा, दुग्ध संघ लालकुआं अध्यक्ष मुकेश बोरा, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख ओखलकांडा केडी रुपाली, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शांति भट्ट, राशन डीलर्स यूनियन प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी, विभागीय उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी एवं नीतू फुलेरा सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

रैंप वॉक में दिखा संस्कृति और विकास का संगम
कार्यक्रम में उत्तराखंड की संस्कृति और साथ ही महिलाओं की विकास यात्रा का संगम देखने को मिला। इसमें न सिर्फ उत्तराखंड में परंपरागत रूप से खेती किसानी करने वाली महिलाओं को दर्शाया गया, साथ ही इंजीनियर, डॉक्टर, एयर होस्टेस, खिलाड़ी के रूप में भी प्रतिभागियों ने रैंप वॉक किया। इस प्रस्तुति को दर्शकों की सबसे ज्यादा सराहना मिली।

परिचर्चा में किया विशेषज्ञ महिलाओं ने मंथन
आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षक, सामाजिक कार्य, न्यायपालिका और सोशल मीडिया जैसे अन्य क्षेत्रों में काम कर चुकी महिला विशेषज्ञों की खुले मंच पर परिचर्चा भी आयोजित की गई । इसमें उन सभी ने उत्तराखंड में महिलाओं की विकास यात्रा और भविष्य में उसके समक्ष खडी चुनौतियों पर मंथन किया इससे एक विजन तैयार हुआ कि भविष्य में महिलाओं के लिए प्रदेश में किस तरह के प्रयास किए जाने की जरूरत है।

नृत्य नाटिका ने बटोरी तालियां
कार्यक्रम के दौरान एक नृत्य नाटिका के जरिए मातृ शक्ति के संघर्ष, परिश्रम और साहस को बहुत सुंदर तरीके से चित्रित किया गया ।इसमें गौरा देवी के चिपको आंदोलन, राज्य निर्माण आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, कमला देवी जैसे कलाकार और एकता बिष्ट जैसी क्रिकेटर, इन सभी का सफर दर्शाया गया। इस प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

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