मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सोमवार को मानसून ने जोरदार तरीके से दस्तक दी। भारी बारिश के कारण मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर उपनगरीय ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गईं, जबकि महानगर के कई इलाकों में जलभराव की खबरें आई हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मानसून समय से 16 दिन पहले पहुंचने के साथ मई में सर्वाधिक बारिश का 107 वर्ष का रिकॉर्ड टूट गया। भारी बारिश से मध्य रेलवे की हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं और कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से हजारों लोग जहां-तहां फंसे रहे। वर्ली में नवनिर्मित भूमिगत मेट्रो स्टेशन पर पानी भर जाने से एक्वा लाइन पर सेवाएं बंद करनी पड़ीं। 250 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित होने की भी सूचना है। मुंबई के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में भी बारिश ने खासी तबाही मचाई।
मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एमएमआरसी) को भूमिगत आचार्य अत्रे चौक स्टेशन पर पानी भरने की सूचना मिलने के बाद परिचालन स्थगित करना पड़ा। मेट्रो स्टेशन के अंदर जलभराव से 33 किलोमीटर लंबे कोलाबा-बीकेसी-आरे जेवीएलआर भूमिगत मेट्रो कॉरिडोर पर भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण की गुणवत्ता एवं मानसून की तैयारियों को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
एमएमआरसी ने एक बयान में कहा, आज अचानक और तीव्र बारिश के कारण, डॉ. एनी बेसेंट रोड पर आचार्य अत्रे चौक स्टेशन के निर्माणाधीन प्रवेश/निकास ढांचे में पानी का रिसाव हुआ। यह घटना तब हुई जब प्रवेश/निकास पर निर्मित आरसीसी जल-अवरोधक दीवार पास से अचानक पानी के प्रवेश के कारण ढह गई। इसने कहा कि एहतियाती उपाय के तौर पर तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्ली और आचार्य अत्रे चौक के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। हालांकि, आरे जेवीएलआर से वर्ली तक की सेवाएं प्रभावित नहीं हैं और नियमित रूप से जारी हैं।
एमएमआरसी ने नौ मई को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और आचार्य अत्रे चौक स्टेशनों के बीच भूमिगत मेट्रो सेवाओं का विस्तार किया था। व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो में स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, टिकट खिड़की और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव दिखता है। एक वीडियो में एस्केलेटर पर बारिश का पानी रिसता हुआ नजर आ रहा है, जबकि स्टेशन के अंदर मलबा व कुछ उपकरण बिखरे नजर आए। मेट्रो लाइन 3 मुंबई की पहली पूरी तरह भूमिगत मेट्रो लाइन है और वर्तमान में चरणबद्ध तरीके से इसका निर्माण कार्य हो रहा है।
भारी बारिश के कारण मध्य रेलवे के मस्जिद, भायखला, दादर, माटुंगा और बदलापुर रेलवे स्टेशन पर पटरियां जलमग्न हो गईं, जिससे सुबह के व्यस्त समय में विभिन्न ट्रेन की आवाजाही धीमी हो गई। पश्चिमी रेलवे ने कहा कि उसकी पटरियों पर पानी जमा नहीं हुआ है और ट्रेन का परिचालन सामान्य रूप से हो रहा हैं। हालांकि, यात्रियों ने बताया कि कांदिवली स्टेशन पर घोषणा हुई कि ट्रेनें तकनीकी कारणों से 15 से 20 मिनट देरी से चल रही हैं। चर्चगेट और मरीन लाइन्स स्टेशनों के बीच एक पेड़ की टहनी बिजली के तारों पर गिर गई। किंग्स सर्किल, मंत्रालय, दादर टीटी ईस्ट, परेल टीटी, कालाचौकी, चिंचपोकली और दादर स्टेशन सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। परेल में राजकीय केईएम अस्पताल क्षेत्र में भी जलजमाव हो गया।
बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के प्रवक्ता ने बताया कि द्वीपीय शहर में चार स्थानों पर जलभराव के कारण कई मार्गों की बसों का मार्ग परिवर्तन करना पड़ा।
मौसम विभाग ने राज्य के विदर्भ क्षेत्र के अकोला, अमरावती, वर्धा, नागपुर, भंडारा, गोंदिया यवतमाल और गढ़चिरौली जिलों में कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश और मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय ने बताया कि सोमवार को मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 48 लोगों को जलमग्न क्षेत्रों से बचाया गया।रायगढ़ जिले में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि भारी बारिश के कारण महाड़ से रायगढ़ किला मार्ग बंद कर दिया गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोमवार को पुणे जिले के बारामती तहसील का दौरा कर बारिश के बाद हालात का जायजा लिया और कहा कि मई में यह “अभूतपूर्व” बारिश थी।
अधिकारियों ने बताया कि ठाणे और पालघर जिलों में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण अधिकारियों को कुछ प्रमुख सड़कों को बंद करना पड़ा और संवेदनशील क्षेत्रों से निवासियों को स्थानांतरित करना पड़ा। कल्याण के तहसीलदार सचिन शेजल ने बताया कि उल्हास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कल्याण-मुरबाद मार्ग पर रायते पुल पर यातायात रोक दिया गया है।
आईएमडी के मुताबिक, मुंबई के कोलाबा में पिछले 24 घंटे के दौरान 295 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने मई में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले मई 1918 में अधिकतम 279.4 मिमी बारिश हुई थी। बारिश के साथ मुंबई में 70 से 80 किमी की रफ्तार से हवा चली, जिससे कई इलाकों में पेड़ गिर गए हैं। उधर, पुणे-सोलापुर हाईवे पर पाटस इलाके में बादल फटने से पुणे के बारामती और इंदापुर में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं। करीब 200 घरों में पानी भर गया और कई गाड़ियां बह गईं। वहीं बारामती में कई घरों में पानी भरने के बाद 70 से 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुंबई में बारिश ने तोड़ा सदी का रिकॉर्ड: मेट्रो स्टेशन पानी से लबालब, 250 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित
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