24.2 C
Dehradun
Wednesday, August 12, 2026


spot_img

नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगाः सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में पंचायती राज विभाग की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि नव-निर्वाचित ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं जिला पंचायत सदस्यों को आधुनिक तकनीकी, वित्तीय प्रबंधन और शासन प्रणाली पर प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में सबको समेकित प्रयास करने होंगे। गांवों के विकास से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘एकीकृत पंचायत भवनों’ का निर्माण कराने के निर्देश दिए। इन एकीकृत पंचायत भवनों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, पटवारी, आशा आदि के लिए एक स्थान पर ही व्यवस्था होगी। इनके वहां एक साथ बैठने के लिए रोस्टर भी बनाया जाए। इससे लोगों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं जिला पंचायतों में बजट नियोजन को और बेहतर बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी ग्राम पंचायतों का सुनियोजित विकास हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पंचायतीराज विभाग यह भी आकलन करे कि आगामी 15 वर्षों में कितना ग्रामीण क्षेत्र शहरी क्षेत्र में परिवर्तित होगा। यह आकलन राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम सभाओं के स्थापना दिवस उत्सव के रूप में मनाए जाने के लिए ग्राम वासियों से संवाद किया जाए। इसके लिए नियमित कैलेंडर बनाया जाए। ग्राम स्तर पर होने वाले मेले, मिलन कार्यक्रम, प्रबुद्धजनों की जयंती एवं अन्य विशेष दिनों में भी यह स्थापना दिवस मनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र एवं जिला पंचायत में समेकित एवं संतुलित विकास किया जाए। इसका ध्यान रखा जाए कि कोई क्षेत्र या व्यक्ति विकास योजनाओं से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर सभी योजनाओं की रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो। पंचायतों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाए। सभी पंचायतों के कार्यों का ऑडिट हो और सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में आम जनता की राय एवं भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक पंचायत स्तर पर शिकायत दर्ज करने और समाधान का एक निश्चित समयबद्ध ढांचा तैयार किया जाए। इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक पंचायती राज निधि यादव उपस्थित थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

संसद ने पारित किया अधिकरण सुधार विधेयक

0
नई दिल्ली। संसद ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। आज राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस...

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण...

0
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। आज...

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से अधिक परिवार...

0
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि फरवरी 2024 में शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से...

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘मुख्यमंत्री...

तमक नाला-घटना का होगा वैज्ञानिक अध्ययन, सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों को...

0
देहरादून। जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमकनाला में 10 अगस्त 2026 को अत्यधिक जलप्रवाह एवं बड़ी मात्रा में मलबा आने की घटना...