13.6 C
Dehradun
Tuesday, February 10, 2026


spot_img

अब भारत में बनेंगे GE F-414 फाइटर जेट इंजन, PM मोदी के US दौरे पर डील फाइनल

अब भारत में भी फाइटर जेट इंजन बन सकेंगे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमेरिका दौरे के बीच लड़ाकू जेट इंजन बनाने के लिए भारत में प्लांट लगाने की डील फाइनल हो गई है। इस समझौते के तहत अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) एयरोस्पेस मिलकर एफ-414 इंजन का भारत में सह-उत्पादन करेंगे। यह भारत के तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट Mk2 को पावर देने के लिए काफी अहम साबित होगा।

दोनों देशों के बीच अगली पीढ़ी की रक्षा साझेदारी होगी सशक्त

दरअसल, जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) एयरोस्पेस की मदद से भारत के फाइटर जेट्स को आधुनिक इंजन मिल जाएंगे। वहीं, भारत में बनने वाले एफ-414 इंजन अमेरिकी जेट इंजन प्रौद्योगिकी को पहले से और एडवांस बनाने में सक्षम होंगे। ऐसे में यह समझौता दोनों देशों के बीच अगली पीढ़ी की रक्षा साझेदारी को सशक्त बनाने मददगार साबित होगा। बता दें, इस रक्षा सौदे के संबंध में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जानकारी साझा की है।

HAL लड़ाकू विमानों के लिए GE F-414 इंजन बनाएगा

वहीं, अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने गुरुवार को अपनी वेबसाइट पर इस समझौते की घोषणा करते हुए जानकारी दी कि उसने भारतीय वायु सेना के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक यात्रा के बीच दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने में बड़ा मील का पत्थर है। यह समझौता लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क-2 कार्यक्रम के हिस्से के रूप में भारतीय वायु सेना के लिए 99 इंजन बनाने की जीई एयरोस्पेस की पिछली प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा।

अभी तक दुनिया के सिर्फ चार देश बनाते हैं फाइटर जेट के इंजन

दरअसल, अभी तक दुनिया के सिर्फ चार देश अमेरिका, रूस, इंग्लैंड और फ्रांस फाइटर जेट के इंजन बनाते हैं, यानी दुनियाभर में उड़ रहे फाइटर जेट्स में इन्हीं देशों में बने इंजन लगे हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के बीच अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक ने अपना प्लांट भारत में लगाने की डील पर मुहर लगा दी है, जिससे भारत भी फाइटर जेट के इंजन बनाने वाले देशों में शामिल हो जाएगा। साथ ही भारत में बनने वाले इंजन स्वदेशी फाइटर जेट्स के लिए बेहद फायदेमंद होंगे, क्योंकि हमें इंजन खरीदने के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना होगा।

5वीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान में लगाया जाएगा F-414 जेट इंजन

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सरकार ने इसी माह की शुरुआत में जीई इंजन निर्माण के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को हरी झंडी दी थी, जिससे भारत में इंजनों के निर्माण के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ अनुबंध करने का रास्ता साफ हो गया था। अमेरिकी रक्षा सचिव ऑस्टिन लॉयड की 5-6 जून को भारत की यात्रा के दौरान यह सौदा आगे बढ़ा। जीई के F-414 जेट इंजनों का निर्माण भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर योजना’ के तहत स्वदेशी लड़ाकू विमान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क-2 की ताकत बढ़ाने के लिए है। एलसीए मार्क-1 जीई कंपनी के F-404 इंजन से ही संचालित हैं। अब भारत में बनने वाले एफ-414 जेट इंजनों को एलसीए मार्क-2 के अलावा पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) में भी लगाये जाने की योजना है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

राज्य की लाखों महिलाओं के संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास को मिलेगी नई दिशा

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं...

कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व विवाद: शिवकुमार को CM बनाने की फिर उठी मांग, 80 से...

0
बंगलूरू। कर्नाटक में सत्ता के नेतृत्व को लेकर जारी विवाद एक बार फिर से सामने आ गया है। डीके शिवकुमार के एक करीबी विधायक...

भारत और ग्रीस ने सैन्य सहयोग योजना पर किए हस्ताक्षर, हिंद महासागर से भूमध्य...

0
नई दिल्ली। भारत और ग्रीस ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक समझौता किया है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और...

बंगाल में SIR को जानबूझकर रोका जा रहा’, EC ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल...

0
नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया...

रूसी तेल खरीदेगा भारत?: विदेश सचिव बोले- कच्चा तेल खरीद के जितने अधिक विकल्प...

0
नई दिल्ली। भारत सरकार ने कच्चे तेल की खरीद में विविधता को ऊर्जा सुरक्षा की कुंजी बताया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा...