36.7 C
Dehradun
Monday, May 18, 2026


spot_img

हमारा सम्पूर्ण जीवन एक परीक्षा है और इस परीक्षा में हार और जीत उतना महत्वपूर्ण नहीं: सीएम धामी

कौलागढ़: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम से ‘परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देश के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह ने जी.जी.आई.सी कौलागढ़ में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘परीक्षा पर चर्चा 2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘ एग्जाम वॉरियर्स’ भी प्रदान की।

परीक्षा पे चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड के ऊधम सिंह नगर जनपद की कक्षा 07 की छात्रा स्नेहा त्यागी ने प्रधानमंत्री से पूछा कि हम आपकी तरह सकारात्मक कैसे हो सकते हैं? प्रधानमंत्री ने स्नेहा की जिज्ञाशा का समाधान करते हुए कहा कि उनकी प्रकृति है कि वे हर चुनौती को चुनौती देते हैं। उसके कारण उन्हें नया सीखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि उनके भीतर आत्मविश्वास है कि देश के 140 करोड़ देशवासी उनके साथ हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान तैयारी में जुटे विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी, सारगर्भित और व्यावहारिकता से परिपूर्ण उद्बोधन सुनने का अवसर मिला । उन्होंने कहा कि हमारा सम्पूर्ण जीवन एक परीक्षा है और इस परीक्षा में हार और जीत उतनी महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि हमारी सकारात्मक सोच, क्योंकि एक सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति जीवन की किसी भी परीक्षा में असफल नहीं हो सकता। मन की बात हो या परीक्षा पे चर्चा इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने लोगों को प्रेरित करने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा से पूर्व बच्चों को जिस प्रकार उनके माता-पिता और परिजनों द्वारा मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जाता है, उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से देश के विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक स्तर पर मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने परीक्षा में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से अपील की कि परीक्षा के समय बच्चों पर अनावश्क दबाव न डालें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा कि अपने जीवन में कार्य करने के लिए जो भी क्षेत्र चुनें, उसमें लीडर की भूमिका में कार्य करें। जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित करना है, उसको प्राप्त करने के लिए पूरी तनमयता से जुट जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा का आंकलन किसी भी एक परीक्षा में सफल या असफल होने पर नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रतिभा तथा बौद्धिक क्षमता किसी भी परीक्षा से ऊपर है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि महान लोगों की जीवनी जरूर पढ़ें। इससे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है। समाज में बड़े कार्य करने वाले अधिकांश लोग सामान्य परिस्थतियों से आगे बढ़े हैं। जब मेहनत के साथ सकारात्मक सोच का मिश्रण हो जाता है तो व्यक्ति को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस रेलगाड़ी को...

0
नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से बेंगलुरु और मुंबई के बीच नई एक्सप्रेस रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 मई को प्रदान करेंगी पद्म पुरस्कार

0
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 मई को वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि...

भारतीय नौसेना ने भोपाल के अपर लेक में अपने प्रमुख नौसेना नौकायन केंद्र का...

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने भोपाल के अपर लेक में अपने प्रमुख नौसेना नौकायन केंद्र का उद्घाटन किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस...

सेवा भारती के सेवा कार्यों से बदल रहा समाज का दृष्टिकोणः डॉ. शैलेन्द्र

0
देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने कहा कि समाज के उपेक्षित, वंचित और अभावग्रस्त वर्गों के उत्थान के...

सीएम धामी ने सिसौना नदी पर 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41...