23.3 C
Dehradun
Thursday, July 23, 2026


spot_img

मुहर्रम के जुलूस में कई जगह लहराए गए फलस्तीनी झंडे

नई दिल्ली। मुहर्रम के मौके पर बुधवार को निकाले गए जुलूस के दौरान कुछ राज्यों में फलस्तीन के झंडे लहराए गए। इतना ही नहीं, इजरायल व अमेरिका के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी की गई। इस मामले में न केवल केस दर्ज किए गए हैं, बल्कि कुछ लोगों को पकड़ा भी गया है। बिहार में जुलूस के दौरान जहां आपस में छह अखाड़े भिड़ गए, वहीं उत्तर प्रदेश में मारपीट की अफवाह फैलाने के बाद विवाद इतना बढ़ा कि पांच लोग जख्मी हो गए। कुछ जगहों पर ताजिये बिजली के तारों से टकरा गए, जिसमें कुछ लोग जख्मी तो कुछ की मौत हो गई।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में यादगार-ए-हुसैन कमेटी द्वारा आयोजित जुलूस को प्रशासन ने इसी शर्त पर अनुमति दी थी कि कोई राजनीतिक या भड़काऊ नारेबाजी नहीं होगी। जुलूस में ऐसा कुछ नहीं होगा, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़े या अलगाववादी तत्वों को शह मिले। इसके बावजूद जुलूस में हिजबुल्लाह के झंडे लहराए गए, गाजा में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगे। फलस्तीन का झंडा लहराया गया।
इजरायल के प्रधानमंत्री की तस्वीरों वाले पोस्टर जमीन पर बिछाकर उसे पैरों से कुचला गया। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी हुई। इस मामले में पुलिस ने लगभग दो दर्जन शिया मातमियों को हिरासत में लिया है। हालांकि, पुलिस ने किसी को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि से इनकार करते हुए कहा है कि इस संदर्भ में कोठीबाग पुलिस स्टेशन में गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के विभिन्न प्रविधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा जिस तरह नारेबाजी हुई है और जिस तरह के ध्वज लहराए गए हैं, उससे हालात बिगड़ने की पूरी आशंका थी। नेशनल कान्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शिया मातमियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में बहराइच के सचौली गांव में ताजिया का जुलूस कर्बला की ओर ले जाया जा रहा था। आरोप है कि जुलूस में शामिल कुछ युवक खेत के किनारे लगे खंभों को उखाड़ने लगे, जिससे दो समुदाय के लोगों में कहासुनी होने लगी। इस दौरान किसी ने मारपीट की अफवाह फैला दी। इस पर भीड़ हिंदू पक्ष पर टूट पड़ी, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मुस्लिम पक्ष से एक युवक चोटिल हुआ है।
मुरादाबाद में काफी ऊंचा ताजिया होने पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। किसी तरह लोगों को समझाकर अधिकारियों ने ताजिया निकलवाया। गोंडा में अलग-अलग स्थानों पर जुलूस में ताजिया बिजली के तार से छूने पर करंट लगने से एक युवक की मौत और छह घायल हो गए। बरेली में साउंड सिस्टम की आवाज तेज होने पर हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए।
बिहार में छह अखाड़े आपस में भिड़ गए। इस दौरान लाठी-डंडे से हुए हमले और पथराव में करीब चार दर्जन लोग जख्मी हो गए। मोतिहारी के मेहसी कुछ युवकों ने फलस्तीन का झंडा लहराया। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस हरकत में आई। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। अररिया में ताजिया के 33 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक लोग झुलस गए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सरकार संसद में नीट परीक्षा पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार

0
नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार मानसून सत्र के पहले दिन से ही नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर...

नागरिकों का कल्याण सभी सुधारों के केंद्र में होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि विकसित भारत का सपना जन आंदोलन में बदलना चाहिए और देश...

नकली दवाओं के खिलाफ विभाग की बड़ी कार्रवाई

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशभर में...

देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार के मुख्य सचिव ने दिए...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राष्ट्रीय शुद्ध वायु कार्यक्रम की संचालन समिति की 7वीं बैठक संपन्न हुयी।...

चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका पर होगा महामंथन, देश दुनिया से जुटेंगे विशेषज्ञ

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उत्तराखण्ड द्वारा आगामी 24 जुलाई को देहरादून में एक दिवसीय इंरटनेशनल कॉफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस...