नई दिल्ली: पहाड़ से लेकर मैदान तक मानसूनी बारिश और बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और पहाड़ी नदियों में उफान से तमाम रास्ते बंद पड़े हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर गुजरात तक नदियां खतरनाक स्तर पर बह रही हैं और कई गांव जलमग्न हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिन भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड से लेकर असम और कर्नाटक से केरल तक आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज से रेड अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल के धर्मशाला और मंडी में बुधवार को तेज बारिश हुई। धर्मशाला शहर में 85 मिमी बारिश दर्ज हुई। मंडी शहर में सुबह के समय करीब 30 मिनट बारिश हुई। शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। ऊना, धौलाकुआं और नाहन में बूंदाबांदी हुई। भारी बारिश के कारण पयूंगल नाला सकोह में सड़क के बीच पेड़ गिरने से गगल-सकोह मार्ग बंद हो गया। बारिश की चेतावनी को देखते हुए पुलिस ने आम लोगों के साथ ही सैलानियों को नदी-नालों और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।असम में बाढ़ की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है। ज्यादातर नदियों का पानी खतरे के निशान से नीचे आ गया है। हालांकि, अभी भी 16 जिलों में चार लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। धेमाजी जिला सबसे अधिक प्रभावित है।
पश्चिम और मध्य भारत, केरल, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु में अगले पांच दिन हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभवना है। इस दौरान दक्षिण कर्नाटक, गुजरा के सौराष्ट्र व कच्छ, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर 20 जुलाई तक भारी बारिश होगी। आईएमडी ने तटीय कर्नाटक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। नेपाल की सीमा से लगने वाले बिहार के जिलों में नदियां उफान पर हैं और भीषण बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। उत्तर प्रदेश में भी तराई वाले जिलों में बाढ़ आई है और लाखों लोग इसकी चपेट में हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के अलावा बुधवार को पंजाब, पश्चिम राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी ने हिमाचल और उत्तराखंड के साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में अगले पांच दिन गरज के साथ भारी वर्षा और बिजली गिरने की संभावना जताई है। बृहस्पतिवार को उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर केरल तट से गुजरा तक एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही पश्चिम से उत्तर पश्चिम की तरफ तेज हवा बह रही है जिसके प्रभाव से केरल के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है। वायनाड जिले में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आठ जिलों के लए ऑरेंज और अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 20-24 सेमी तक बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड व हिमाचल में चार दिन भारी बारिश के आसार
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