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Saturday, September 5, 2026


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प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट सुविधा का शुभारंभ किया

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में अत्याधुनिक सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर संयोजन और जांच केंद्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह विकास भारत की ज़बरदस्त इलेक्ट्रॉनिक्स क्रांति का अगला कदम है, जिसने देश को पहले ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फ़ोन निर्माता बना दिया है। उन्होंने कहा कि साणंद में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर संयोजन और जांच केंद्र घरेलू चिप निर्माण व्‍यवस्‍था मज़बूत होने के साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगा और वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्‍य श्रृंखला में भारत की स्थिति में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रमुख परियोजना के साथ, साणंद एक उभरते हुए वैश्विक सेमीकंडक्टर समूह के रूप में सामने आएगा। उन्होंने कहा कि भारत प्रमुख और उच्‍च प्रौद्योगिकी खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेज़ी से काम कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि इसके साथ ही पूरी घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे ‘विकसित भारत’ की रूपरेखा और मेक इन इंडिया का दूसरा कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने संयंत्र के कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए इस परिसर को मिनी इंडिया बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र देश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी में प्रगति के बड़े अवसर देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साणंद संयंत्र में प्रत्‍येक वर्ष 20 करोड़ चिप्स तैयार होंगी। उन्होंने इस संयंत्र में प्रत्‍येक वर्ष 500 करोड़ चिप्स का उत्‍पादन का लक्ष्य रखने के लिए बधाई दी।

इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक भारत में पांच सेमीकंडक्टर संयंत्र चालू हो जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि साणंद संयंत्र केवल 27 महीने में पूरा हो गया। श्री वैष्णव ने कहा कि इस संयंत्र में निर्मित चिप्स का उपयोग कारों, स्कूटरों और कई तरह के औद्योगिक कार्यों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस केन्‍द्र में निर्मित चिप्स जापान, अमरीका और यूरोप भेजी जाएंगी और इससे भारतीय प्रौद्योगिकी को दुनिया भर में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से ही यह सफलता प्राप्‍त हो सकी है।

इससे पहले, साणंद पहुँचने पर प्रधानमंत्री ने हाई-टेक प्लांट का दौरा कर संयंत्र का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ने इंजीनियरों और ऑपरेटरों से भी विस्तार से बातचीत की। सात हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से निर्मित यह संयंत्र देश की प्रौद्योगिकी विनिर्माण यात्रा में महत्‍वपूर्ण पड़ाव है। पूरी तरह चालू होने पर, इस केंद्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच अरब सेमीकंडक्टर चिप्स हो जाएगी। इससे मेमोरी और स्टोरेज समाधानों की बढ़ती वैश्विक मांग पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।

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