नई दिल्ली। मन और शरीर के बीच एकात्म स्थापित करने की भारतीयों की पुरातन विधा योग के विश्व पटल पर आधिकारिक रूप से छा जाने का यह दसवां साल है। आज दुनियाभर में 10वां विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। मन और शरीर को शुद्ध करने की इस विशुद्ध वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धति की मुरीद तो दुनिया हमेशा से रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अनवरत-अथक प्रयासों या दूसरे शब्दों में कहें तो ‘हठयोग’ से 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने जब 21 जून को आधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की, तब से संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में योग की महत्ता और लोकप्रियता सिर चढ़कर बोलने लगी।
शुक्रवार को दुनियाभर के 170 से अधिक देशों और बड़ी संस्थाओं, कार्यालयों में अरबों की संख्या में लोग योग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी योग दिवस पर श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में सुबह साढ़े छह बजे होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योग करेंगे। इसके जरिये उनका प्रयास आतंकवाद की नकारात्मक ऊर्जा को योग की सकारात्मक ऊर्जा में बदलने का भी रहेगा, ताकि कश्मीर का युवा अपनी सकारात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल कश्मीर और भारत को विकसित बनाने में कर सके।
एसकेआईसीसी में योग दिवस पर कार्यक्रम में लगभग छह हजार लोग पीएम मोदी संग योग करेंगे। आयुष मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय ‘खुद और समाज के लिए योग’ है।देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और सुपीम कोर्ट के अन्य सभी जज भी शुक्रवार को आयोजित होने वाले 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) समारोह में भाग लेंगे। शीर्ष अदालत की ओर से जारी पत्र में कहा गया- ’21 जून को 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शीर्ष कोर्ट परिसर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा और इसमें प्रधान न्यायाधीश समेत अन्य न्यायाधीश शिरकत करेंगे।’
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से 21 जून को सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित कर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने प्रतिभागियों को प्रेरित करने के लिए योग एंबेसडर के रूप में प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित करने का भी सुझाव दिया है।
शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए योग बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को न केवल रोगमुक्त रखता है बल्कि मन को भी शांत करने में मदद करता है। भारत ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। भारत योग में मामले में एक तरह से विश्व गुरु है। भारत ने योग के जरिये सांस्कृतिक एकता को भी बढ़ावा दिया है। योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन तय करने की भी खास वजह है। असल में 21 जून साल का दिन सबसे लंबा दिन होता है। इसके बाद सूर्य धीरे-धीरे दक्षिणायन होने लगता है। इस दिन को अध्यात्म और योग के लिए खास माना जाता है। इसी वजह से योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख तय की गई।
प्रधानमंत्री मोदी 6 हजार लोगों के साथ करेंगे योग, 170 से अधिक देशों में होगा योगाभ्यास
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