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Monday, August 24, 2026


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ईरान में महंगाई के खिलाफ चल रहा प्रदर्शन हुआ हिंसक, गोलीबारी में कई लोगों की मौत; स्थिति बेकाबू

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ बीते दिनों से विरोध के स्वर तेज हैं। इस बीच नए साल के पहले दिन चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप धारण कर लिया। जिसमें कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों का कम से कम एक सदस्य के मरने की खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी मीडिया और मानवाधिकार समूहों के हवाले से यह जानकारी दी।
नए साल की शुरुआत के साथ ही विरोध प्रदर्शन ईरान के ग्रामीण इलाकों में भी फैल गए हैं और प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद से हताहतों की पहली रिपोर्टों में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं, क्योंकि ईरान भर की सड़कों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं हैं। पूरे देश में पिछले तीन वर्षों में महंगाई के खिलाफ सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन हो रहा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में हिंसा भड़क उठी है।
ईरान के लोरदेगान, कुहदाश्त और इस्फहान में लोगों की मौत की खबरें आई हैं, जो मुद्रा के गिरते मूल्य और तेजी से बढ़ती कीमतों से निपटने के सरकारी तौर-तरीकों के खिलाफ दुकानदारों द्वारा शुरू किए गए प्रदर्शनों के बाद से अशांति के प्रसार को दर्शाती हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से संबद्ध फार्स समाचार एजेंसी और मानवाधिकार समूह हेंगाव ने पश्चिमी शहर लोरदेगान में हुई मौतों की सूचना दी है, वहीं अधिकारियों ने कुहदाश्त और इस्फहान प्रांत में कम से कम एक मौत की पुष्टि की है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पें प्रदर्शनों के नए क्षेत्रों में फैलने के साथ-साथ बढ़ते तनाव को दर्शा रही है।
बता दें कि देश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों को ब्लॉक कर दिया है। राजधानी तेहरान में भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए हैं। प्रदर्शन की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार के दुकानदारों से हुई, जो धीरे धीरे देशव्यापी प्रदर्शन में बदल गया। अब ये विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालयों तक फैल गया है। छात्र सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए ईरान के लोगों को 14 लाख रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके चलते ईरान में आयात बेहद महंगा हो गया है और महंगाई नियंत्रण से बाहर हो गई है। ईरान पहले ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते आर्थिक संकट से घिरा हुआ है। क्षेत्रीय तनाव ने उसकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

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