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Wednesday, August 12, 2026


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सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएः मुख्यमंत्री

देहरादून। सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर अधिक शिकायतें लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और लापरवाही बरते जाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई भी की जाए। सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि कार्मिकों की सेवानिवृत्ति के बाद एक माह के अन्दर उनके सभी देयकों का भुगतान हो जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली से सीएम हेल्पलाइन 1905 की वर्चुअल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन मानस की है। जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व विभाग, वन विभाग और शिक्षा विभाग में जन शिकायतों के समाधान में हो रही लेट लतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अधिक समय तक लंबित प्रकरणों के मामले में संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि राजस्व विभाग से संबंधित सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में अधिक शिकायते प्राप्त हो रही हैं, उसका कारण जानने के साथ ही उचित समाधान के लिए आगे की योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि सभी सुनिश्चित करें कि जिन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता है, वहीं समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से शिकायत उच्च स्तर पर आने पर उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, जो अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाए। पेयजल से संबंधित अधिक शिकायतें प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत भी प्रदेश में पेयजल की सुचारू आपूर्ति के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। 180 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष अभियान चलाकर उनका निस्तारण करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को दिए हैं।
सीएम हेल्पलाइन पर मुख्यमंत्री ने सुनी जन समस्याएंः मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर 05 लोगों की समस्याएं सुनी और उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उत्तरकाशी की लक्ष्मी देवी ने कहा कि उनके पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत थे पिता की मृत्यु के पश्चात् उनकी माता को पेंशन मिलती है। वे पूर्णत अपनी माता पर आश्रित है, शासनादेश अनुसार प्रार्थिनी ने पारिवारिक पेंशन हेतु नॉमिनी बनाये जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को सभी औपचारिकता पूर्ण कर अपर निदेशक पौड़ी को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया, उनके स्तर पर प्रकरण लंबित है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को तीन दिन के अन्दर लक्ष्मी देवी की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये हैं।
रुद्रप्रयाग के जगदम्बा प्रसाद नौटियाल ने कहा उनके द्वारा मेडिकल के बिल के लिए आवेदन किया गया था पर शिक्षा विभाग के द्वारा उन्हें पूर्ण रूप से भुगतान नहीं किया गया। विभाग को इसकी सूचना दिये जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि इस प्रकरण का शीघ्र परीक्षण कर समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया जाए। नैनीताल के बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि 31 दिसंबर 2023 को सहायक विकास अधिकारी के पद से उद्यान विभाग से रिटायर्ड होने के बाद अभी तक उन्हें 10 प्रतिशत जीपीएफ का पैसा नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने उद्यान और वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बहादुर सिंह बिष्ट के जीपीएफ की अवशेष धनराशि शीघ्र उनको दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को समय पर उनके अधिकार की धनराशि मिले, यह संबंधित विभागों का कर्तव्य है।
बागेश्वर के जगदीश कार्की ने कहा कि वर्ष 2019 में उनके द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना के अंतर्गत टेंट हाउस के लिए लोन लिया था, लेकिन उद्योग विभाग द्वारा अभी तक सब्सिडी नहीं दी गई है। बैंक द्वारा लगातार किस्ते काटी जा रही है, जिस वजह से समस्या हो रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर को एक सप्ताह में जगदीश कार्की को सब्सिडी दिलवाने के निर्देश दिये हैं। देहरादून के विराट ने कहा कि भू माफिया द्वारा अवैध खनन एवं पेड़ों का कटान किया जा रहा है, जिससे प्रकृति को बहुत नुक्सान हो रहा है, एवं अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। भूमाफियाओं द्वारा उनको धमकी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को इस प्रकरण पर शीघ्र कार्यवाही करने और एसएसपी देहरादून को धमकी देने वालों पर कारवाई करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव एल.फैनई, आर. मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.सी अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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