24.7 C
Dehradun
Sunday, August 2, 2026


spot_img

महाकुंभ में पहली बार एक मंच पर आए तीन पीठों के शंकराचार्य, जारी किया संयुक्त धर्मादेश

महाकुंभनगर: महाकुंभ में पहली बार देश के तीन पीठों के शंकराचार्य एक ही मंच पर मिले और सनातन के लिए संयुक्त धर्मादेश जारी किया। धर्मादेश में देश की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। वहीं, शंकराचार्यों ने आह्वान किया कि महाकुंभ पर्व पर प्रत्येक सनातनी को प्रयागराज आना चाहिए। उन्होंने महाकुंभ के भव्य आयोजन के लिए योगी सरकार और प्रशासन को आशीर्वाद भी दिया। महाकुंभ में देश के तीन पीठों के शंकराचार्यों ने पहली बार मंच साझा किया है। महाकुंभ में चल रही परम धर्म संसद के शिविर में तीन पीठों के शंकराचार्यों ने समवेत रूप से एक संयुक्त धर्मादेश भी जारी किया है। श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी विधु शेखर भारती जी, द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी और ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने परम धर्मसंसद में हिस्सा लिया और सनातन संस्कृति की रक्षा और उन्नयन के लिए 27 धर्मादेश भी जारी किए।
इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी सदानंद ने संस्कृत भाषा के महत्व पर जोर दिया। श्रृंगेरी के शंकराचार्य विदुशेखर भारती ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ माता की विशेष रूप से रक्षा करने की बात कही। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने संस्कृत भाषा के महत्व पर जोर देते हुए सरकार को संस्कृत भाषा के लिए बजट देने पर जोर दिया।
27 बिंदुओं वाले धर्मादेश में देश की एकता, अखंडता और समरसता के साथ सनातन धर्म की संस्कृति की रक्षा, विस्तार और संस्कृत भाषा के विस्तार पर जोर दिया गया। धर्मादेश में नदियों और परिवार रूपी संस्था को बचाने के लिए सबको आगे आने का आदेश दिया गया। धार्मिक शिक्षा को हिंदुओं का मौलिक अधिकार बनाने पर भी इसमें जोर दिया गया। यह भी कहा गया कि अपने धार्मिक प्रतीकों को पहचानें और उसकी रक्षा अवश्य करें। हर विद्यालय में देव मंदिर हो।
धर्मादेश के मूल में गौ हत्या पर रोक है और उसे राष्ट्र माता घोषित करने का आदेश दिया गया। पहले ही धर्मादेश में कहा गया कि गाय को माता मानने वाले देश भारत की धरती से गौहत्या का कलंक मिटना चाहिए। विश्वमाता गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिलना चाहिए और उनकी हत्या को दण्डनीय अपराध घोषित करना चाहिए। गौहत्या से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी रूप से जो जुड़ा हो वह हिंदू नहीं हो सकता। उसे हिंदू धर्म से बहिष्कृत किया जाए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

प्रधानमंत्री मोदी ने मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का शुभारंभ किया

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कर्नाटक के मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने...

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देशभर के अस्पतालों में सारथी परियोजना के लिए...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देशभर के अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में सारथी परियोजना के विस्तार की...

केंद्र ने बाढ़ प्रभावित राज्यों को सहायता के लिए दो हजार करोड़ रुपये से...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान बाढ़ प्रभावित राज्यों को सहायता देने के लिए राज्य आपदा मोचन कोष-...

प्रधानमंत्री ने 18 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आंध्र प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है और केंद्र सरकार व्यापक अवसंरचना और औद्योगिक...

अगले तीन सप्ताह सिर्फ SIR पर फोकस करें जिलाधिकारी: सीईओ

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने शनिवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के...