36.8 C
Dehradun
Thursday, June 4, 2026


spot_img

उच्च शिक्षा में प्रवेश से वंचित छात्रों को मिलेगा अंतिम मौका

देहरादून। सूबे के उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न कारणों से प्रवेश लेने से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को प्रवेश हेतु आखिरी मौका दिया जायेगा। विभागीय अधिकारियों को आगामी 27 अगस्त से 5 सितम्बर 2024 तक पुनः समर्थ पोर्टल खोलने के निर्देश दे दिये गये हैं ताकि प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राएं ऑनलाइन पंजीकरण करा सकें। समर्थ पोर्टल पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 हेतु स्नताक प्रथम सेमेस्टर के लिये 76030 जबकि परास्तनाक प्रथम सेमेस्टर के लिये 24895 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन पंजीकरण किया है।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से किसी भी युवा को वंचित नहीं रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद, सीबीएसई एवं अन्य बोर्डों की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश से वंचित एवं अन्य कारणों से प्रवेश न ले पाने वाले छात्र-छात्राओं की आवश्यकता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों के परिसरों एवं उनसे सम्बद्ध समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु अंतिम मौका दिया जायेगा। इसके लिये विभगाय अधिकारियों को आगामी 27 अगस्त से 5 सितम्बर 2024 तक दोबारा समर्थ पोर्टल खोलने के निर्देश दे दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि उक्त समयावधि में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे और उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक व परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पंजीकरण में कोई समस्या न हो इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।
विभागीय मंत्री ने बताया कि राजकीय विश्वविद्यालयों में एकरूपता लाने के दृष्टिगत विगत वर्ष समर्थ गवर्नेंस पोर्टल को लागू किया गया। जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिये समर्थ पोर्टल पर अबतक स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिये कुल 76030 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। जिसके तहत कुमाऊं विश्वविद्यालय में 31101, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय 31326 तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में 13603 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इसी प्रकार परास्नातक प्रथम सेमेस्टर हेतु कुल 24895 छात्र-छात्राओं ने समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया है जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय में 12249, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय 8193 तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में 4453 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि कुल पंजीकरण के सापेक्ष अबतक परास्नातक कक्षा के लिये 9324 तथा स्नातक में 48251 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ कराने हेतु संकल्पबद्ध है और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों में विश्वविद्यालयों में मानक अनुसार आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं और प्रवेश हेतु छात्र प्रतीक्षारत हैं वहां आवश्यकतानुसार सांध्यकालीन कक्षाओं का भी संचालन किया जायेगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय विमानन कंपनियों की सहायता के लिए 10,000 करोड़ रुपये के...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय विमानन कंपनियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय परिचालन में सहायता देने के लिए दस हजार करोड़ रुपये के ‘एटीएफ...

एनपीसीआई ने कंबोडिया के एसीएलईडीए बैंक के साथ साझेदारी कर यूपीआई भुगतान सुविधा शुरू...

0
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एन.पी.सी.आई) ने कंबोडिया में यूपीआई भुगतान सुविधा आरंभ करने के लिए कंबोडिया के प्रमुख वाणिज्यिक बैंक एसीएलईडीए बैंक...

भारत में आवागमन वाहन पारितंत्र अब किसी एक तकनीक पर निर्भर नहीं रहेगा: केंद्रीय...

0
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत में आवागमन वाहन पारितंत्र अब किसी एक तकनीक पर...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लाओस की उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने से...

0
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में लाओस की उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहाने से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति...

उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों में युवाओं की सहभागिता को सुदृढ़ करने के लिए विकसित...

0
देहरादून। युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामलों के विभाग ने मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) के माध्यम से विकसित जीवंत ग्राम कार्यक्रम...