25.8 C
Dehradun
Wednesday, July 1, 2026


spot_img

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर में पर चल रहा टीबी मुक्त भारत अभियान

देहरादून: उत्तराखंड को टीबी मुक्त करने के लिये राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अबतक प्रदेश में 8688 नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया जा चुका है जो टीबी रोग को हराने के लिये टीबी मरीजों की मदद करने में जुटे हैं। इन नि-क्षय मित्रों की मदद से अबतक 11635 टीबी मरीज लाभान्वित हो चुके हैं।

उत्तराखंड देश के उन शीर्ष राज्यों में से एक है जहां सर्वाधिक नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है, इस उपलब्धि को हासिल करने में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अग्रणी भूमिका रही है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सूबे में नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण कराया जा रहा है, जो प्रदेशभर में चिन्हित टीबी मरीजों को गोद लेकर टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान में अहम भूमिका निभा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अकांड़ों के अनुसार प्रदेशभर में अबतक 8 हजार 688 नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण कराया जा चुका है।

जिसमें अल्मोड़ा जनपद में 473, बागेश्वर में 149, चमोली में 202, चम्पावत में 155, देहरादून में 1166, पौड़ी में 459, हरिद्वार में 1882, नैनीताल में 1274, पिथौरागढ़ में 240, रूद्रप्रयाग में 218, टिहरी गढ़वाल 306, ऊधम सिंह नगर में 1973 और उत्तरकाशी में 191 शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेशभर में 12 हजार 264 चिन्हित टीबी मरीज हैं जिनमें से 11 हजार 635 टीबी रोगी इन नि-मित्रों के सामुदायिक सहायोग से लाभान्वित हो रहे हैं। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 544, बागेश्वर के 130, चमोली के 316, चम्पावत के 232, देहरादून के 1664, पौड़ी के 370, हरिद्वार के 3494, नैनीताल के 1206, पिथौरागढ़ के 143, रूद्रप्रयाग के 237, टिहरी गढ़वाल के 435, ऊधम सिंह नगर के 2429 और उत्तरकाशी के 435 मरीज शामिल हैं।

वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिये प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत लगातार प्रयासरत हैं, उन्हीं के प्रयासों और कुलश नेतृत्व का नतीजा है कि उत्तराखंड देश के उन शीर्ष राज्यों में शुमार है जहां टीबी मरीजों की देखभाल एवं सामुयिक सहयोग के लिये सर्वाधिक नि-क्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया है। प्रदेश में नि-क्षय मित्रों के बढ़ते सहयोग से निश्चित ही उत्तराखंड टीबी मुक्त प्रदेश का लक्ष्य हासिल करने में शीघ्र कामयाब हो जायेगा।

स्वास्थ्य मंत्री, डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे शीघ्र ही हासिल कर दिया जायेगा। बड़ी तादाद में लोग नि-क्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लेने के लिये आगे आ रहे हैं जो कि एक सुखद अहसास है। प्रदेशव्यापी इस अभियान में सूबे के राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों, विभिन्न विभागों व संगठनों, व्यापारिक घरानों सहित अधिकारियों एवं प्रतिष्ठित व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

एसआईआर में मतदाता सूची के परिवेक्षण का कार्य करेंगे मंडलायुक्त

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने बुधवार को कुमांऊ एवं गढ़वाल के मंडल आयुक्तों (रोल ऑब्जर्वर) के साथ वीडियो कांन्फ्रेंस कर विशेष...

उत्तराखण्ड में शिक्षा सुधार का नया अध्याय शुरू, मदरसा बोर्ड समाप्त कर बना नया...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने...

प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों से की बातचीत

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नई दिल्ली के सेवा तीर्थ में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों से बातचीत की। चर्चा दो प्रमुख विषयों पर...

अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान, तीर्थ यात्रियों के ठहरने के...

0
नई दिल्ली।  वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के साथ 55 हजार तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए व्यापक...

VB-G RAM G अधिनियम, कल से पूरे ग्रामीण भारत में होगा लागू

0
नई दिल्ली। विकसित भारत – गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) – वीबी जी-राम-जी अधिनियम, 2025 कल से पूरे ग्रामीण भारत में लागू हो...