जालंधर। सिविल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी फॉल्ट आने के कारण तीन गंभीर मरीजों की मौत हो गई। तीनों मरीज तीन दिन से ट्रामा के आइसीयू में दाखिल थे। दो गंभीर मरीज फेफड़ों की समस्या व एक मरीज ड्रग ओवरडोज के तौर पर दाखिल थे।
तीनों मरीजों को ऑक्सीजन लगी हुई थी। रविवार को शाम अचानक अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने के साथ तीनों मरीजों की सांस उखड़नी शुरु हो गई। अस्पताल प्रबंधन व स्टाफ को पता चला तो तुरंत दूसरा ऑक्सीजन प्लांट को चलाया गया।
ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने के बाद मौजूदा स्टाफ ने आक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से ही मरीजों को आक्सीजन देने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। जब दूसरा ऑक्सीजन प्लांट चलाया गया तब तक ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से मौत हो चुकी थी। सिविल अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
सिलेंडर के साथ-साथ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी मौजूद है। मरीजों को आक्सीजन लगी हुई थी। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट में लीकेज की बात सामने आ रही है। सोमवार को स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि प्लांट में तकनीकी खराबी आई है या फिर किसी प्रकार की लीकेज थी। मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने एंक्वायरी कमेटी बना दी गई है।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. राज कुमार ने कहा कि आक्सीजन प्लांट में पांच से दस मिनट की तकनीकी खरा्बी आई थी। अस्पताल में तीन गंभीर मरीज दाखिल थे। जिन्हें आक्सीजन लगी हुई थी। तीन दिन से मरीज पहले ही गंभीर चल रहे थे। कुछ मिनटों में आक्सीजन सप्लाई बंद होने के बाद दूसरा प्लांट चलाया गया था। सप्लाई शुरु हो गई थी।
अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। मरीजों को आक्सीजन कंसट्रेटर से आक्सीजन दी गई थी लेकिन मरीजों को बचाया नहीं जा सका है। इस मामले की जांच को लेकर इंक्वायरी कमेटी बैठा दी गई है।
अगर अगर प्लांट में तकनीकी खराबी आना सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्या प्लांट की समय समय पर चेकिंग हो रही थी। क्या सिलेंडर बदलने के समय नोजल चेक समय-समय पर हो रही थी। अब इन सवाल इंक्वायरी कमेटी में उठ सकते है।
क्या पाइपलाइन ब्लाक हो गई थी। कौन सी कंपनी का प्लांट लगा है। अगर तकनीकी खराबी आई क्या कंपनी जिम्मेवार होगी या नहीं। कोरोना काल की बात करें तो प्लांट की देखरेख बेहतर ढंग से की जाती थी। लापरवाही कहां से हुई। यह सिविल अस्पताल के सामने सवाल खड़े होते है।
ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी, अस्पताल में मचा हड़कंप; तीन गंभीर मरीजों की मौत
Latest Articles
तेल शोधन संयंत्र पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम...
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि सभी तेल शोधन संयंत्र पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रहे...
21 जून को कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार 21 जून को कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले कल कोलकाता...
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने की नीट-यूजी पुन: परीक्षा की तैयारियों से जुड़ी उच्च स्तरीय...
नई दिल्ली। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने रविवार को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा की तैयारियों के आकलन के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा...
वीवाटेक-2026 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में आज वीवाटेक-2026 सम्मेलन में भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बताया।...
बागेश्वर में बनेगा आधुनिक राज्य अतिथि गृह, मुख्यमंत्री धामी की घोषणा को मिली रफ्तार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह...
















