देहरादून। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सोमवार को हरिद्वार के सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से संबंधित पूछे गए प्रश्न का उत्तर दिया। अपने उत्तर में केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड के 43 केंद्र-संरक्षित स्मारक और स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण और रखरखाव में हैं। इनका संरक्षण आवश्यकताओं और संसाधनों की उपलब्धता के अनुसार, राष्ट्रीय संरक्षण नीति के अनुरूप किया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी स्थल वर्तमान में अच्छी अवस्था में संरक्षित हैं।
केंद्रीय मंत्री ने अपने उत्तर में यह भी जानकारी दी कि संगीत नाटक अकादमी (एसएनए) उत्तराखंड की लोक, पारंपरिक और जनजातीय प्रदर्शन कलाओं को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। हाल ही में अकादमी ने राज्य में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए।
केंद्रीय मंत्री ने लोक सभा में जानकारी देते हुए बताया कि देश की विभिन्न लोक और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार के लिए भारत सरकार ने सात ज़ोनल सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र अपने सदस्य राज्यों में नियमित रूप से विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। उत्तराखंड, उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और उत्तर मध्य क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराजकृदोनों का सदस्य होने के कारणकृइन केंद्रों द्वारा राज्य में अनेक सांस्कृतिक उत्सव और कला संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, संस्कृति मंत्रालय राष्ट्रीय संस्कृत महोत्सव का भी आयोजन करता है, जिसमें देशभर के अनेक लोक व जनजातीय कलाकार, सहित उत्तराखंड के स्थानीय कलाकार भी, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रदर्शन करते हैं।
श्री शेखावत ने यह भी बताया कि संगीत नाटक अकादमी ने “कला दीक्षा” (गुरुदृशिष्य परंपरा) योजना के तहत उत्तराखंड की चार प्रदर्शन कलाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें गढ़वाल क्षेत्र के लोकगीत (पड़वाणी और मंगलिक गीत) का प्रशिक्षण कार्यक्रम चमोली की गुरु गंगा देवी; मशकबीन का प्रशिक्षण कार्यक्रम चमोली के गुरु हरीश लाल; हुड़का का प्रशिक्षण कार्यक्रम मुनस्यारी के गुरु लवराज राम और कुमाऊँ क्षेत्र के लोकगीत (नैली, छपेली, भागनौल और संस्कार गीत) का प्रशिक्षण कार्यक्रम अल्मोड़ा की गुरु पुष्पा फर्त्याल संचालित कर रहीं हैं।
संगीत नाटक अकादमी की फाइनेंशियल असिस्टेंस टू कल्चरल इंस्टिट्यूशंस योजना के अंतर्गत, वर्ष 2021-22 में पाँच संस्थाओं को 2 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई, वर्ष 2022-23 में आठ संस्थाओं को 3.30 लाख रुपये की सहायता मिली और वर्ष 2023-24 में पाँच संस्थाओं को 2.20 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि विभिन्न कार्यक्रमों और प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उल्लेखनीय सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
केंद्र सरकार सक्रिय रूप से उत्तराखंड के त्योहारों और लोक परंपराओं को बढ़ावा दे रहीः केंद्रीय मंत्री शेखावत
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