25.2 C
Dehradun
Saturday, August 29, 2026


spot_img

मुख्यमंत्री ने पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का किया विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार मुख्यमंत्री आवास पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत जन-जन तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा। उन्होंने कहा इन गीतों के माध्यम से समाज में  जागरूकता आएगी एवं उत्तराखंड में पहली बार हुए कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।
“पैली-पैली बार“  गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली  बार हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुये अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण और यूसीसी , शीतकालीन यात्रा, पर्यटन व तीर्थाटन को बढावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा सुविधाओं, सरकारी सेवाओं में हुई नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान मे चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार“ की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेडा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश एवं लोकगायिका खुशी जोशी व सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया गया है। साथ ही इसकी धुन व गीत भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा एवं संगीत ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं के बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है। इस अवसर पर दायित्वधारी कैलाश पंत, लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), खुशी जोशी दिगारी (वर्चुअल), भूपेन्द्र बसेडा, ललित गित्यार, राकेश खनवाल, चन्द्रप्रकाश, सोनम, कुंदन कोरंगा, बसंत तिवारी, नवीन जोशी, पूरन नगरकोटी, भागीरथी नगरकोटी, मीनाक्षी जोशी, मोहित जोशी, संगीतकार सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की नई दिल्ली में हुई पहली बैठक भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा...

0
नई दिल्ली।  भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति- जेडीसी की पहली बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक के दौरान, दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास,...

नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 547; सीमा के दोनों तरफ...

0
नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 547 हो गई है। 1,545 लोग अब भी लापता हैं। राहत...

भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा...

0
नई दिल्ली।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो...

लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

0
देहरादून:  रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज लोक भवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)...

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...