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Saturday, August 8, 2026


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मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बातचीत

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय पहुंचकर शिक्षा की बात कार्यक्रम के तहत प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है। उसमें कोई न कोई विशेषता अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्रतिभा पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं परिजनों से भी अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे ‘शिक्षा की बात‘ कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए इसमें उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसर और विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहे व्यक्तियों से बातचीत कराते हुए बच्चों का मार्गदर्शन करने का अवसर दें। उन्होंने शिक्षा की बात कार्यक्रम को अन्य सभी विद्यालयों में भी शुरू किए जाने की बात कही। कहा कि क्लस्टर विद्यालयों से इसकी शुरूआत करते हुए सभी क्लस्टर विद्यालयों को इससे जोड़ा जाए।
बच्चों से चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने महत्त्वपूर्ण सीख देते हुए कहा कि आज मोबाइल और तकनीक का युग है, मगर मोबाइल और तकनीक पर हमारा कंट्रोल हो, न कि वो हमें कंट्रोल करें। उन्होंने कहा कि किताबें, खेल और रचनात्मक सोच आपको मजबूत बनाते हैं। हमें इन सभी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। इसके लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करनी होती है। मेहनत और अनुशासन हमें बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अच्छा मनुष्य, अच्छा नागरिक बनकर देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियां निभानी है। इसके लिए सभी शिक्षकों और अभिभावकों को भी अपने बच्चों को देश का जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से आए बच्चों द्वारा तैयार साइंस प्रोजेक्ट्स का भी अवलोकन किया एवं उनसे बातचीत की। छात्रों के प्रोजेक्ट्स की प्रशंसा करते हुए उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए बच्चों को देहरादून भ्रमण कराये जाने की भी बात कही। कहा कि कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी भ्रमण कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। इससे उनको किताबी ज्ञान के अलावा अन्य बहुत सा व्यावहारिक ज्ञान और जानकारियां मिलेंगी। इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा मुकुल सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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