24.8 C
Dehradun
Tuesday, March 24, 2026


spot_img

लोकलुभावन नीतियों से नहीं, निर्माण-तकनीक से आगे बढ़ेगा देश, बजट में ग्लोबल पॉवर बनने का दिखा विजन

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में इस बार लोकलुभावन घोषणाओं नहीं दिखीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में एक विजन है। यही विजन देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाता हुआ दिखाई देता है। आइए समझते हैं, इस बजट में ऐसा क्या है जिससे देश को ग्लोबल पॉवर बनाने की सोच साफ दिखाई देती है।
अब तक जब भी बजट आता था, पूरे देश की मीडिया के साथ-साथ आम लोगों का ध्यान केवल इस बात पर रहता था कि आयकर की दरें कितनी कम या ज्यादा हुईं, कौन सी वस्तुएं सस्ती या महंगी हुईं, या सरकार ने किस वर्ग के मतदाताओं को लुभाने के लिए किस राज्य को कौन सी योजना उपहार में दी है। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में ऐसा विजन पेश किया है जो किसी वर्ग को लुभाने की बजाय देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ को मजबूत बनाता हुआ दिखाई देता है। बजट में देश के परंपरागत आर्थिक क्षेत्रों को मजबूत बनाते हुए भविष्य के सेक्टरों को मजबूत करते हुए देश को ग्लोबल पॉवर बनाने की सोच साफ दिखाई देती है।
बजट पेश होने से पहले कई आर्थिक विशेषज्ञ इस बात का आकलन कर रहे थे कि सरकार किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि छः हजार रुपये से बढ़ाकर नौ हजार रुपये प्रति वर्ष कर सकती है। इस पर 90 हजार करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक का खर्च आने का अनुमान था। इसी तरह आयुष्मान योजना में ज्यादा विशाल वर्ग को शामिल करने और अन्य वर्गों के लिए विशेष योजनाओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन सरकार ने ऐसी किसी भी लोकलुभावन नीति से परहेज रखा।
संभवतः सरकार के सामने कोई बड़ा चुनाव न होने के कारण भी उसे इस तरह का बजट बनाने की सहूलियत मिली है। आने वाले समय में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन सरकार ने इसे राज्य स्तरीय राजनीति पर ही हैंडल करने की सोच दिखाई है। यूपी और पश्चिम बंगाल को हाई स्पीड रेल और जल मार्गों से व्यापार बढ़ाने की योजनाओं का लाभ बजट से अवश्य मिला है, लेकिन लेकिन इसे चुनावी कदम नहीं कहा जा सकता। यह सरकार की उसी सोच का अंग है जिसके अंतर्गत वह पूरे देश में आर्थिक ढांचा मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।
भारत की अर्थव्यवस्था अब तक कृषि, पशुपालन और एमएसएमई सेक्टर के सहारे मजबूत बनी हुई है। इसमें देश की एक बड़ी आबादी को रोजगार भी मिलता है। ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से एफएमसीजी सेक्टर को भी एक विशाल बाजार मिलता है। बजट में सरकार ने कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर इसी वर्ग को आर्थिक मजबूती देने का काम किया है।
एमएसएमई सेक्टर की 6.5 करोड़ इकाइयों से देश के 35 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान व्यक्त किया जाता है। सरकार ने बजट के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने का काम किया है।
हेल्थ सेक्टर में भारत आज भी एक बड़ी शक्ति है। दुनिया के तमाम देशों में इलाज महंगा होने के कारण लोग भारत इलाज कराने आते हैं। स्वयं भारत के 140 करोड़ की आबादी के लिए एक बड़ा हेल्थ सिस्टम चाहिए। स्वस्थ नागरिकों के भरोसे ही भारत 2047 में विकसित देशों की कतार में शामिल होने का सपना देख सकता है। बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर में नए युवाओं को प्रशिक्षित करने, रिसर्च और बायोटेक्नोलोजी को बढ़ावा देने के लिए मजबूत रोड मैप पेश किया है। यह बताता है कि सरकार देश को ग्लोबल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने की ठोस योजना पर काम कर रही है।
सरकार जानती है कि आने वाला समय एआई, डाटा, क्लाउड स्टोरेज, क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर आधारित तकनीक का है। बजट में इन सेक्टरों को बढ़ावा देकर भविष्य की रणनीति के लिहाज से भारत को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। इन सेक्टरों में निवेश करने पर टैक्स से छूट देकर सरकार ने दुनिया के निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की है। यदि इन सेक्टरों में विदेशी निवेशक आते हैं तो इससे भारत को विदेशी मुद्रा के साथ-साथ तकनीक भी प्राप्त होगी जो भविष्य में उसकी रणनीतिक तैयारी को मजबूती देने का काम करेंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

110 सैनिकों को लेकर जा रहा कोलंबिया का मिलिट्री प्लेन क्रैश

0
नई दिल्ली। कोलंबिया में सेना का एक हरक्यूलिस सी-130 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान में 110 सैनिक सवार थे। यह विमान सैनिकों...

सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए नामांकन 30 सितंबर तक किए जा...

0
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने कहा है कि सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार के लिए नामांकन पूरे वर्ष खुले रहते हैं और इसके...

आरबीआई का मार्च बुलेटिन जारी, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अर्थव्यवस्था सुदृढ़

0
नई दिल्ली।  रिज़र्व बैंक ने अपना मार्च का बुलेटिन जारी किया है, जिसमें वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की समग्र मजबूती का उल्‍लेख...

पीएम मोदी ने कहा–पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत ने संबंध निर्माण और संकट...

0
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारत ने संबंध निर्माण, निर्णय लेने और संकट...

साहसिक फैसलों से राष्ट्रीय फलक पर छाए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

0
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में बीते चार वर्षों का दौर केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नीतिगत फैसलों के स्तर पर भी...