नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में इस बार लोकलुभावन घोषणाओं नहीं दिखीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में एक विजन है। यही विजन देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाता हुआ दिखाई देता है। आइए समझते हैं, इस बजट में ऐसा क्या है जिससे देश को ग्लोबल पॉवर बनाने की सोच साफ दिखाई देती है।
अब तक जब भी बजट आता था, पूरे देश की मीडिया के साथ-साथ आम लोगों का ध्यान केवल इस बात पर रहता था कि आयकर की दरें कितनी कम या ज्यादा हुईं, कौन सी वस्तुएं सस्ती या महंगी हुईं, या सरकार ने किस वर्ग के मतदाताओं को लुभाने के लिए किस राज्य को कौन सी योजना उपहार में दी है। लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 के बजट में ऐसा विजन पेश किया है जो किसी वर्ग को लुभाने की बजाय देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ को मजबूत बनाता हुआ दिखाई देता है। बजट में देश के परंपरागत आर्थिक क्षेत्रों को मजबूत बनाते हुए भविष्य के सेक्टरों को मजबूत करते हुए देश को ग्लोबल पॉवर बनाने की सोच साफ दिखाई देती है।
बजट पेश होने से पहले कई आर्थिक विशेषज्ञ इस बात का आकलन कर रहे थे कि सरकार किसानों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की राशि छः हजार रुपये से बढ़ाकर नौ हजार रुपये प्रति वर्ष कर सकती है। इस पर 90 हजार करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक का खर्च आने का अनुमान था। इसी तरह आयुष्मान योजना में ज्यादा विशाल वर्ग को शामिल करने और अन्य वर्गों के लिए विशेष योजनाओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन सरकार ने ऐसी किसी भी लोकलुभावन नीति से परहेज रखा।
संभवतः सरकार के सामने कोई बड़ा चुनाव न होने के कारण भी उसे इस तरह का बजट बनाने की सहूलियत मिली है। आने वाले समय में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन सरकार ने इसे राज्य स्तरीय राजनीति पर ही हैंडल करने की सोच दिखाई है। यूपी और पश्चिम बंगाल को हाई स्पीड रेल और जल मार्गों से व्यापार बढ़ाने की योजनाओं का लाभ बजट से अवश्य मिला है, लेकिन लेकिन इसे चुनावी कदम नहीं कहा जा सकता। यह सरकार की उसी सोच का अंग है जिसके अंतर्गत वह पूरे देश में आर्थिक ढांचा मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।
भारत की अर्थव्यवस्था अब तक कृषि, पशुपालन और एमएसएमई सेक्टर के सहारे मजबूत बनी हुई है। इसमें देश की एक बड़ी आबादी को रोजगार भी मिलता है। ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से एफएमसीजी सेक्टर को भी एक विशाल बाजार मिलता है। बजट में सरकार ने कृषि उत्पादों को बढ़ावा देकर इसी वर्ग को आर्थिक मजबूती देने का काम किया है।
एमएसएमई सेक्टर की 6.5 करोड़ इकाइयों से देश के 35 करोड़ लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान व्यक्त किया जाता है। सरकार ने बजट के माध्यम से एमएसएमई सेक्टर को मजबूत बनाने का काम किया है।
हेल्थ सेक्टर में भारत आज भी एक बड़ी शक्ति है। दुनिया के तमाम देशों में इलाज महंगा होने के कारण लोग भारत इलाज कराने आते हैं। स्वयं भारत के 140 करोड़ की आबादी के लिए एक बड़ा हेल्थ सिस्टम चाहिए। स्वस्थ नागरिकों के भरोसे ही भारत 2047 में विकसित देशों की कतार में शामिल होने का सपना देख सकता है। बजट में सरकार ने स्वास्थ्य सेक्टर में नए युवाओं को प्रशिक्षित करने, रिसर्च और बायोटेक्नोलोजी को बढ़ावा देने के लिए मजबूत रोड मैप पेश किया है। यह बताता है कि सरकार देश को ग्लोबल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने की ठोस योजना पर काम कर रही है।
सरकार जानती है कि आने वाला समय एआई, डाटा, क्लाउड स्टोरेज, क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर आधारित तकनीक का है। बजट में इन सेक्टरों को बढ़ावा देकर भविष्य की रणनीति के लिहाज से भारत को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। इन सेक्टरों में निवेश करने पर टैक्स से छूट देकर सरकार ने दुनिया के निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की है। यदि इन सेक्टरों में विदेशी निवेशक आते हैं तो इससे भारत को विदेशी मुद्रा के साथ-साथ तकनीक भी प्राप्त होगी जो भविष्य में उसकी रणनीतिक तैयारी को मजबूती देने का काम करेंगे।
लोकलुभावन नीतियों से नहीं, निर्माण-तकनीक से आगे बढ़ेगा देश, बजट में ग्लोबल पॉवर बनने का दिखा विजन
Latest Articles
सर्वोच्च न्यायालय ने एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने का...
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने का निर्देश दिया
सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि...
भारत और सिंगापुर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सूचना साझा करने में तेजी...
नई दिल्ली। भारत और सिंगापुर ने रणनीतिक साझेदार के रूप में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग के महत्व पर बल दिया।...
भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नीति वार्ता का 10वां संस्करण दिल्ली में हुआ आयोजित
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा नीति वार्ता का 10वां संस्करण नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के...
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता के दूसरे दौर का दिल्ली में समापन
नई दिल्ली। भारत-कनाडा का संयुक्त वक्तव्य व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता-सीईपीए वार्ता के दूसरे दौर का समापन आज नई दिल्ली में हुआ। यह वार्ता दोनों...
सुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री
कोलकत्ता। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता में आज उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता...

















