25.9 C
Dehradun
Thursday, June 11, 2026


spot_img

महाकुंभ के दौरान बढ़ेगी रामलला के दर्शन की अवधि, सुरक्षा एजेंसियों के साथ मंदिर ट्रस्ट ने की बैठक

अयोध्या: प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ को लेकर अयोध्या में भी तैयारियां चल रही हैं। प्रयागराज के बाद अयोध्या में स्नान की मान्यता है। इसी के चलते जिला प्रशासन व राममंदिर ट्रस्ट श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने पर मंथन कर रहा है। बृहस्पतिवार को ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने रामजन्मभूमि की सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की। तय हुआ है कि महाकुंभ के दौरान रामलला के दर्शन की अवधि बढ़ाई जाएगी।
संतों का कहना है कि तीर्थराज प्रयाग भी सरयू में अपनी कालिमा धोने आते हैं, इससे जुड़े कथानक भी हैं। इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज में डुबकी लगाने के बाद अयोध्या स्नान-दान, दर्शन-पूजन करने जरूर पहुंचते हैं। इसी को लेकर रामजन्मभूमि परिसर में राममंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी डॉ़ अनिल मिश्र व गोपाल राव ने एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे, एसएसएफ, सीआरपीएफ, पीएसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था व सुविधाओं पर मंथन किया।
बैठक में तय हुआ है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ प्रतिष्ठा द्वादशी के रूप में 10 से 12 जनवरी तक मनाई जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के राममंदिर पहुंचने की संभावना है। इसके बाद 15 जनवरी से कुंभ मेला शुरू हो जाएगा, जिसके चलते भी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी। इसको देखते हुए रामलला की दर्शन अवधि में वृद्धि की जा सकती है। साथ ही दर्शनपथ पर कतार व प्रसाद का काउंटर बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने बताया कि दर्शन अवधि बढ़ाने का निर्णय ट्रस्ट से विचार-विमर्श के बाद भीड़ की स्थिति पर निर्भर होगा। अधिक से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन सुगमता पूर्वक कर सकें, इसी योजना पर काम हो रहा है। बैठक में सभी सुरक्षा एजेंसियों को श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी गई है। उन्होंने बताया कि राजकीय निर्माण निगम की ओर से परिसर में लगाए जा रहे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का काम भी 10 जनवरी तक पूरा हो जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने ”प्रतिष्ठा द्वादशी” के आयोजन और मंदिर परिसर में बन रहे अन्य 18 मंदिरों के निर्माण की प्रगति बताई। चंपत राय अपने शिविर कार्यालय भरत कुटी, कारसेवक पुरम में पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि समस्त हिंदू पर्व, त्योहार तिथियों के अनुसार ही मनाए जाते हैं, जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी, विवाह पंचमी आदि। उसी तरह प्राण-प्रतिष्ठा की जयंती पौष शुक्ल द्वादशी को ”प्रतिष्ठा द्वादशी” नाम दिया गया है, जो इस वर्ष 11 जनवरी को है। एक सवाल के उत्तर में उन्होंने बताया कि गूढ़ मंडप पूर्णता की ओर है, शीघ्र ही राम दरबार की स्थापना होगी। जो 18 मंदिर और बन रहे हैं दशावतार, शेषावतार, निषादराज, शबरी, अहिल्या,संत तुलसीदास आदि के मंदिरों में तेजी से काम चल रहा है। जो तिथियां सोची गई हैं परमात्मा की इच्छा रही तो सब उसी अनुसार होगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की सबसे महत्‍वपूर्ण सफलताओं में...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की...

देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाएं अवश्य पूरी होंगी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाएं अवश्य पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक...

कैंचीधाम में 15 जून को स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले वार्षिक मेला तैयारियों...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कैंचीधाम (नैनीताल) में 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला...

अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का बड़ा प्रहार

0
देहरादून: राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का अभियान लगातार तेज हो रहा है। बुधवार को जीएमएस रोड और शिमला रोड पर...

मोदी युग-उत्तराखंड की आध्यात्मिक धरोहर को मिली वैश्विक पहचान

0
देहरादून। पिछले 12 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को अभूतपूर्व गति मिली...