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Sunday, July 26, 2026


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भारत के विकास की गति और जापान की विशेषज्ञता के साथ मिलने पर पूरी दुनिया को लाभ: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि भारत-जापान संबंध बहुत विशेष हैं और आर्थिक साझेदारी की सफलता के कई शानदार उदाहरण मौजूद हैं। नई दिल्ली में आज भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच में श्री मोदी ने कहा कि जापान की विशेषज्ञता और निवेश भारत की गति और व्यापकता के साथ मिलने पर पूरी दुनिया को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने आज साझेदारी को और भी गतिशील तथा प्रगाढ बनाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और जापान ने आर्थिक सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों पर समझौते किए हैं। यह समझौते दोनों देशों की साझेदारी को भविष्य के अनुकूल और असीमित बनाएंगे।

श्री मोदी ने कहा कि आर्थिक जगत इस समय आपूर्ति श्रृंखला अडचनों, व्यापार अनिश्चितता और वैश्विक मांग में गिरावट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और पिछले वित्तीय वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि 7.7 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्ष में भारत में काइज़ेन दर्शन को अपनाते हुए, सरकार निरंतर सुधार के माध्यम से आर्थिक डीएनए को बदल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ महीने पहले भारत ने कराधान, सुशासन और व्यापार सुगमता के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के सुधार लागू किए हैं। श्री मोदी ने कहा कि इससे निजी क्षेत्र के लिए कई क्षेत्र खुल रहे हैं और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रोत्साहन मिल रहे हैं। इससे सभी को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि पिछले चार वर्षों से लगातार जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि भारत जापानी व्यवसायों के लिए सबसे आशाजनक स्‍थल बना हुआ है।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि सहयोग के कई क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए तीन प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। यह प्रस्‍ताव मुक्त और पारदर्शी ऊर्जा व्यापार सुनिश्चित करने, रणनीतिक ऊर्जा भंडार की घोषणा करने और उत्पादक तथा उपभोक्ता देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने से संबंधित थे। सुश्री ताकाइची ने कहा कि पावर एशिया पहल के माध्यम से इस दृष्टिकोण को ठोस कार्रवाई में बदलने के लिए काम किया जा रहा है। इस अवसर पर दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से हरियाणा के खरखोदा में मारुति सुजुकी के चौथे वाहन निर्माण केंद्र का उद्घाटन किया।

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