नई दिल्ली: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है, जो कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से पहले 7.89 करोड़ थी।
हालांकि, यह अंतिम संख्या ड्राफ्ट सूची (ड्राफ्ट रोल) से थोड़ी ज्यादा है, जिसे 1 अगस्त को जारी किया गया था। उस ड्राफ्ट सूची में 65 लाख मतदाता हटाए गए थे। इन मतदाताओं को सूची से इसलिए हटाया गया था क्योंकि या तो उनकी मृत्यु हो गई थी, वे किसी और जगह चले गए थे, या उनके नाम सूची में डुप्लीकेट थे। चुनाव आयोग ने बताया कि ड्राफ्ट सूची से 3.66 लाख वोटर हटाए गए, जबकि 21.53 लाख नए वोटर जोड़े गए, जो लोगों और पार्टियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और आपत्तियों के बाद शामिल किए गए।
यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार की गई है। आयोग ने कहा कि इसमें सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा कर लिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ), बिहार ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) को टैग किया। पोस्ट में लिखा गया- ‘विशेष गहन पुनरीक्षण के आलोक में 30.09.2025 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की गई है। मतदाता अपनी जानकारी जिला प्रशासन पटना के अनुसार, सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर), 2025 के तहत पटना जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आज किया गया है। इसके अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या 48 लाख 15 हजार 294 है, जो 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट सूची में शामिल कुल मतदाताओं की संख्या 46 लाख 51 हजार 694 से एक लाख 63 हजार 600 अधिक है। सबसे ज्यादा मतदाता वाला विधानसभा क्षेत्र दीघा है, जिसमें 4.56 लाख मतदाता हैं।
एसआईआर के बाद यह प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। विपक्षी पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि एसआईआर जरूरी था ताकि ‘अवैध प्रवासी या गलत मतदाता’ हटाए जा सकें। चुनाव आयोग 4 और 5 अक्तूबर को पटना का दौरा करेगा और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेगा। इसके बाद अगले सप्ताह बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान किए जाने की संभावना है। मतदाता अब अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन जाकर अपना नाम, मतदान केंद्र और अन्य विवरण आसानी से देख सकते हैं। चुनाव आयोग का जोर इस बार पारदर्शिता और तकनीकी सुविधा पर है।
बिहार की अंतिम मतदाता सूची में 7.42 करोड़ मतदाता, SIR में 47 लाख घटे
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