29.2 C
Dehradun
Thursday, August 20, 2026


spot_img

ग्राफिक एरा अस्पताल का नया कीर्तिमान बिना ऑपरेशन आहार नली खोली

देहरादून: ग्राफिक एरा अस्पताल में जटिल मामले में एक नन्हें बच्चे का पेसमेकर बदल कर चिकित्सा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही आहार नली की रूकावट का बिना चीर फाड़ इलाज करने की नई तकनीक ’पोयम’ के जरिए 15 लोगों को ठीक करने में कामयाबी हासिल की है।

ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आज पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में उत्तराखण्ड में पहली बार ये बड़ी कामयाबियां मिलने की जानकारी दी। ग्राफिक एरा के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. राज प्रताप सिंह ने बताया कि देहरादून के चार साल के बच्चे के हृदय में लगा पेसमेकर बदलने के एंडो कार्डियल के लिए राज्य में पहली बार हाईब्रिड टेक्निक इस्तेमाल की गई। पेट में टनल बनाकर ये तीसरी जगह पेसमेकर लगाया गया है। अब काफी सालों तक शरीर का विकास होने पर भी किसी बदलाव की जरूरत नहीं होगी।

डा. राज ने बताया कि पहले दिल में छेद का आपरेशन होने के बाद करीब एक साल की उम्र में इस बच्चे को पेसमेकर लगा था। उसके बाद संक्रमण होने पर पेसमेकर बदला गया था। अब बच्चा चार साल का होने पर शरीर में वृद्धि के कारण पेसमेकर के तार छोटे पड़ने लगे और उन्हें टूटने से पहले बदलना उसकी जीवन रक्षा के लिए आवश्यक हो गया था। ऐसी स्थिति में ग्राफिक एरा अस्पताल में हाईब्रिड तकनीक से उसके कंधे के नीचे से पेट के नीचे तक एक टनल बनाकर पेसमेकर लगाया गया। इसमें यह ध्यान रखा गया कि उम्र के साथ शरीर के विकास से पेसमेकर प्रभावित न हो। अगले 10 से 12 वर्षों तक यह पेसमेकर उसके सामान्य जीवन और विकास में उसका साथी रहेगा।

यह आपरेशन करने वाली हृदय रोग विभाग की टीम में विशेषज्ञ डा. अखिलेश पाण्डेय, डा. राज प्रताप सिंह और डा. एस. पी. गौतम शामिल थे। कल इस बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह उत्तराखण्ड में ऐसा पहला और सफल आपरेशन है।
ग्राफिक एरा अस्पताल के गेस्ट्रोएंटरोलाॅजी के विशेषज्ञ डा. सचिन मंुजाल ने पोयम (च्वमउ) तकनीक से आहार नली में रूकावट से पीड़ित 15 रोगियों का बिना किसी आपरेशन इलाज करने में सफलता हासिल की है। यह तकनीक भी उत्तराखण्ड के लिए नई है।

ग्राफिक एरा अस्पताल के डायरेक्टर आपरेशन व प्रख्यात पल्मोलाॅजी विशेषज्ञ डा. पुनीत त्यागी ने बताया कि दुनिया की एकदम नई तकनीकों से सुसज्जित आपरेशन थियेटर, एडवांस कैथ लैब, एडवांस कोरेनरी केयर यूनिट, बहुत कम रेडिएशन वाली 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन, जिससे काॅर्डियल एन्जियोग्राफी भी की जा सकती है और अत्याधुनिक तकनीक थ्री टेस्ला की एमआरआई मशीन के साथ जटिल मामलों में भी अस्पताल में बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। डा. त्यागी ने बताया कि ग्राफिक एरा अस्पताल में कार्डियोलाॅजी, नैफरोलाॅजी, गैस्टो एण्डोलाॅजी, प्लास्टिक सर्जरी, न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट जैसी सुविधाएं नई तकनीकों से जोड़ी गई हैं।

आयुष्मान कार्ड धारकों को भी इनका लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसायटी के पदाधिकारी डा. सतीश घनशाला, बिग्रेडियर अश्वनी कपूर और निदेशक इन्फ्रा. डा. सुभाष गुप्ता व कई विशेषज्ञ मौजूद थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ईरान ने खाड़ी देशों को अमरीका के सैन्य अभियानों में सहयोग न करने की...

0
नई दिल्ली। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाह ने फारस की खाड़ी के दक्षिणी तट के देशों को...

उच्च गुणवत्ता और लागत प्रभावी अवसंरचना सर्वोच्च प्राथमिकता: नितिन गडकरी

0
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने  कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लागत को संतुलित बनाए रखते हुए उच्च गुणवत्ता...

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 परियोजनाओं को दी मंजूरी

0
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें चार रेलवे परियोजनाएं और एक राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। नई दिल्ली में मंत्रिमंडल...

ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ओलंपिक-2036 के लिए उत्तराखण्ड से प्रतिभावान खिलाड़ियों को तैयार करने के उद्देश्य से खेल विभाग के साथ बैठक...

उत्तराखण्ड का भूस्खलन प्रबंधन माॅडल अब अन्य राज्यों में भी बना रहा अपनी पहचान

0
देहरादून। खारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना के लिए डीपीआर एवं तकनीकी परामर्श से यूएलएमएमसी को मिली पहली राजस्व प्राप्ति उत्तराखण्ड की भूस्खलन विशेषज्ञता का दायरा...