उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के वर्तमान सत्र के अंतिम दौर में सर्दियों की आहट के बावजूद गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन हो रहा है। इस यात्रा काल में आज सायं तक इन दोनों धामों में पहुंचने वाले यात्रियों का आंकड़ा पन्द्रह लाख को पार कर गया है। अभी तक यमुनोत्री धााम में सात लाख से अधिक व गंगोत्री धाम में आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पदार्पण हो चुका है। यात्रा सुचारू व सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है।
गत 10 मई को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के साथ प्रारंभ हुआ चारधाम यात्रा का वर्तमान सत्र अब अपने अंतिम चरण में है। शीतकाल के आगमन पर परंपरानुसार गंगोत्री मंदिर के कपाट आगामी 2 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर बंद हों जाएंगे और यमुनोत्री मंदिर के कपाट भी आगामी 3 नवंबर को भैयादूज के पर्व पर बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल में गंगा जी की उत्सव मूर्ति मुखवा गांव और यमुना जी की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव में विराजमान रहेंगी। जहां पर शीतकाल के दौरान श्रद्धालुजन पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस बार इन दोनों धामों का यात्राकाल तीस दिन कम है, लेकिन इस बार यमुनोत्री व गंगोत्री धाम में रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों का आगमन हुआ है। गत वर्ष 22 अप्रैल 2023 को कपाटोद्घाटन के बाद गंगोत्री मंदिर के कपाट 14 नवंबर 2023 को तथा यमुनोत्री मंदिर के कपाट 15 नवंबर 2023 को बंद हुए थे। इस प्रकार गत वर्ष गंगोत्री धाम की यात्रा 207 दिन और यमुनोत्री धाम की यात्रा 208 दिनों तक संचालित हुई थी। जबकि इस वर्ष गंगोत्री धाम का यात्रा काल 177 दिन और यमुनोत्री धाम का यात्रा काल 178 दिनों का ही होगा। इसके बावजूद अभी तक पन्द्रह लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के चलते इस साल दैनिक औसत के आधार पर सर्वाधिक तीर्थयात्रियों के आने का रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। यात्राकाल के अंतिम दौर में भी यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के दर्शनों के प्रति यात्रियों का उत्साह चरम पर है। आज यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम में 4478 तीर्थयात्रियों का आगमन हुआ।
वर्तमान यात्राकाल को आज 171 दिन पूरे होने के साथ ही आज सायं तक जिले में अवस्थित दोनों धामों में देश-विदेश के कुल 1501563 तीर्थयात्री दर्शनलाभ प्राप्त कर चुके हैं। जिनमें से यमुनोत्री धाम के 700828 तीर्थयात्री तथा गंगोत्री धाम के 800735 तीर्थयात्री शामिल हैं। इस प्रकार अभी तक इन दोनों धाम में आने वाले तीर्थयात्रियों की एक दिन की औसत संख्या 8781 है। जबकि गत वर्ष इन दोनों धामों में आने वाले श्रद्धालुओं की औसत दैनिक संख्या 7907 थी। इस यात्राकाल में सड़कों को निरंतर खुला रखने तथा यात्रा प्रबंधन के लिए अनेक ठोस प्रयास किए जाने के फलस्वरूप यात्रा लगातार सुचारू और सुव्यवस्थित रूप से संचालित होती रही। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभागों व संगठनों को अंतिम दौर में भी यात्रा के सुचारू, सुव्यस्थित व सुरक्षित संचालन में कोई कसर न रहने देने के निर्देश देते हुए कहा है कि तीर्थयात्रियों की बढती संख्या को देखते हुए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में यात्री सुविधाओं के विस्तार हेतु सभी विभाग प्रस्तावित योजनाओं पर तेजी से काम करने के साथ ही अगली यात्रा की तैयारियों में भी अभी से जुट जाएं।
गंगोत्री व यमुनोत्री धामों में पहुंचने वाले यात्रियों का आंकड़ा पन्द्रह लाख पार हुआ
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