24.4 C
Dehradun
Saturday, April 11, 2026


spot_img

पीडीएनए टीम ने देहरादून, टिहरी एवं उत्तरकाशी जनपदों का सर्वेक्षण पूर्ण किया

देहरादून। इस वर्ष मानसून के दौरान उत्तराखंड में आई आपदाओं से हुई वास्तविक क्षति के आकलन के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रारंभ की गई पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट प्रक्रिया के तहत गठित पहली सर्वेक्षण टीम देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी जनपदों का भ्रमण एवं सर्वेक्षण कर शनिवार को देहरादून लौट आई है। टीम ने शनिवार शाम को उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में किए गए सर्वे और क्षति के आकलन के बारे में जानकारी दी।
इस बैठक में टीम द्वारा तीनों जनपदों में किए गए सर्वे कार्य का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) दिया गया, जिसमें सार्वजनिक परिसंपत्तियों को हुई क्षति, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, और आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में हुई क्षति का प्रारंभिक आंकलन साझा किया गया। संबंधित जिलों के जिलाधिकारीगण वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।
सचिव श्री सुमन ने बताया कि इस वर्ष राज्य में मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य को भारी क्षति हुई है। च्क्छ। सर्वेक्षण का उद्देश्य इसी क्षति का वास्तविक आकलन करना है। उन्होंने कहा कि च्क्छ। रिपोर्ट तैयार होने के पश्चात भारत सरकार को विशेष राहत पैकेज हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे राज्य को आवश्यक वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पहली टीम तीन जनपदों में हुई क्षति का आकलन कर देहरादून लौट आई है। आज टीम ने अपने आकलन के संबंध में प्रारंभिक जानकारी दी है। सभी जनपदों में चकदं की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूरे प्रदेश की एक समग्र रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश भर में चल रहे चकदं को लेकर नियमित तौर पर अपडेट ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि च्क्छ। टीम रविवार को हरिद्वार जनपद में सर्वेक्षण कार्य करेगी। इसके अतिरिक्त जनपदों में भी च्क्छ। की प्रक्रिया जारी है। च्क्छ। सर्वेक्षण के अंतर्गत प्रमुख रूप से आवासीय क्षति, सार्वजनिक अवसंरचना (जैसे सड़क, पुल, बिजली, जल आपूर्ति, संचार), कृषि एवं पशुपालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सामाजिक संरचनाएं एवं आजीविका क्षेत्रों का मूल्यांकन किया जा रहा है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सटीक हो, ताकि प्रभावितों को यथाशीघ्र राहत व पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने आपदा प्रभावितों की हर जरूरत का ख्याल रखने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश सभी जिलाधिकारी को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार च्क्छ। प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि राज्य को शीघ्र ही केंद्रीय सहायता प्राप्त हो और पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यों को गति मिल सके। बैठक में अपर सचिव/पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबेदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लेबनान में इजरायली हमलों पर भारत ने जताई गहरी चिंता, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून का...

0
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने लेबनान पर हो रहे लगातार हमले और इसकी वजह से नागरिकों की बड़ी...

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धि की दुनिया भर में हो रही...

0
नई दिल्ली। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक सफलता का वैश्विक स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। तमिलनाडु के कलपक्कम में...

42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ सशस्त्र माओवाद से मुक्त हुआ तेलंगाना, राज्य के...

0
नई दिल्ली। तेलंगाना राज्य 42 माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ ही अब पूरी तरह से भाकपा (माओवादी) सशस्त्र संगठनों से मुक्त हो गया...

चारधाम यात्रा-2026″ को लेकर डीजीपी की हाई-लेवल बैठक, सुरक्षा से यातायात तक तैयारियों की...

0
देहरादून। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में आगामी चारधाम एवं हेमकुण्ड साहिब यात्रा-2026 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज सरदार पटेल भवन, स्थित...

उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के पहले चरण का शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनगणना 2027’ के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह तथा...